ISSF वर्ल्ड कप 2026: हांगझोउ में संयम ने जीता सिल्वर, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में भारत को दिलाया पहला पदक

चीन के हांगझोउ में ISSF वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय निशानेबाज संयम ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर भारत का पहला पदक दिलाया।

भारतीय निशानेबाज संयम ने हांगझोउ में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप 2026 की महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 243.4 अंक के साथ सिल्वर मेडल जीतकर भारत का पदक खाता खोला। यह उनके करियर का दूसरा ISSF वर्ल्ड कप रजत पदक है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: चीन के हांगझोउ में आयोजित ISSF राइफल/पिस्टल/शॉटगन वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला पदक अपने नाम किया। भारतीय निशानेबाज संयम ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीता। फाइनल में 243.4 अंक हासिल कर उन्होंने दूसरा स्थान प्राप्त किया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया। यह पदक भारत के लिए इस प्रतियोगिता का पहला मेडल है और आगामी स्पर्धाओं के लिए भारतीय दल का मनोबल बढ़ाने वाला साबित हुआ है।

फाइनल में संयम का शानदार प्रदर्शन

महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का फाइनल बेहद प्रतिस्पर्धी रहा। दुनिया के कई शीर्ष निशानेबाजों के बीच संयम ने पूरे मुकाबले में संयम, सटीकता और मानसिक मजबूती का परिचय दिया।

उन्होंने फाइनल में कुल 243.4 अंक हासिल किए, जिससे वह दूसरे स्थान पर रहीं और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पूरे मुकाबले के दौरान उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और अंतिम चरण तक पदक की दौड़ में बनी रहीं।

क्वालिफिकेशन राउंड में भी दिखाया दम

फाइनल में पहुंचने से पहले संयम ने क्वालिफिकेशन राउंड में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 579 अंक हासिल कर अंतिम मुकाबले के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की। क्वालिफिकेशन में उनका प्रदर्शन लगातार संतुलित रहा, जिसने यह संकेत दे दिया था कि वह पदक जीतने की मजबूत दावेदार हैं। फाइनल में भी उन्होंने उसी लय को बरकरार रखा और भारत को प्रतियोगिता का पहला पदक दिलाया।

करियर का दूसरा ISSF वर्ल्ड कप सिल्वर

यह संयम के करियर का दूसरा ISSF वर्ल्ड कप सिल्वर मेडल है। इससे पहले भी वह विश्व स्तर पर रजत पदक जीत चुकी हैं और अब एक बार फिर उन्होंने साबित किया है कि वह भारतीय शूटिंग की उभरती हुई स्टार हैं। लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन उनके अनुभव और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उनकी यह उपलब्धि भारतीय निशानेबाजी के भविष्य के लिए भी सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

भारत के लिए महत्वपूर्ण शुरुआत

किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में शुरुआती पदक पूरे दल के आत्मविश्वास को बढ़ाता है। संयम के सिल्वर मेडल ने भारत के अभियान को मजबूत शुरुआत दी है। भारतीय टीम इस प्रतियोगिता में राइफल, पिस्टल और शॉटगन की विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा ले रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती सफलता से अन्य भारतीय निशानेबाजों का मनोबल भी बढ़ेगा और आगे के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

भारतीय शूटिंग की लगातार बढ़ती ताकत

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। युवा खिलाड़ियों के उभरने और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था के कारण भारतीय निशानेबाज विश्व स्तर पर नियमित रूप से पदक जीत रहे हैं। संयम की यह सफलता इसी निरंतर प्रगति का हिस्सा मानी जा रही है। भारतीय शूटिंग अब उन खेलों में शामिल हो चुकी है, जहां देश को लगभग हर बड़े टूर्नामेंट में पदक की उम्मीद रहती है।

मानसिक मजबूती बनी सफलता की कुंजी

शूटिंग ऐसा खेल है, जहां तकनीकी कौशल के साथ मानसिक संतुलन भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। फाइनल जैसे दबावपूर्ण मुकाबले में संयम ने धैर्य बनाए रखा और निर्णायक क्षणों में सटीक निशाने लगाए। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी एकाग्रता और लगातार स्थिर प्रदर्शन ने उन्हें रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

आगामी प्रतियोगिताओं पर नजर

ISSF वर्ल्ड कप अभी जारी है और भारत के कई शीर्ष निशानेबाज विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा लेने वाले हैं। भारतीय दल को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी खिलाड़ी पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाएंगे। संयम की सफलता से यह संकेत मिला है कि भारतीय टीम इस बार भी मजबूत प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है।

ओलंपिक तैयारी के लिहाज से अहम उपलब्धि

ISSF वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए केवल पदक जीतने का मंच नहीं होते, बल्कि भविष्य की प्रमुख प्रतियोगिताओं, विशेषकर ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप की तैयारी के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। संयम का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वह आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भी भारत के लिए पदक की प्रबल दावेदार हो सकती हैं।

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