हनुमान जयंती 2026 पर शाम का शुभ मुहूर्त भी पूजा के लिए बेहद फलदायी माना गया है। सही विधि से की गई आराधना नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सुख-शांति और समृद्धि लाती है। यह समय खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो सुबह पूजा नहीं कर पाते।
Hanuman Jayanti 2026 Puja Muhurta: इस साल 2 अप्रैल को देशभर में हनुमान जयंती मनाई जा रही है, जहां भक्त भगवान हनुमान के जन्मोत्सव पर विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, शाम 6:39 बजे से 8:06 बजे तक का समय उन श्रद्धालुओं के लिए खास है जो सुबह पूजा नहीं कर सके। इस दौरान विधि-विधान से पूजा करने पर नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-शांति आती है, यही वजह है कि यह मुहूर्त आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
शाम का शुभ मुहूर्त और उसका महत्व
इस वर्ष हनुमान जयंती पर शाम का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 39 मिनट से रात 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। इस दौरान की गई पूजा को विशेष फलदायी माना गया है, खासकर उन लोगों के लिए जो सुबह पूजा नहीं कर सके।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-शांति का वास होता है। यह मुहूर्त कामकाजी लोगों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है, जिससे वे अपने व्यस्त दिनचर्या के बावजूद पूजा कर सकें।

शाम को ऐसे करें हनुमान जी की पूजा
शाम की पूजा से पहले स्नान करना या कम से कम हाथ-पैर धोकर स्वच्छ वस्त्र धारण करना जरूरी माना गया है। इसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। चमेली के तेल का दीपक विशेष शुभ माना जाता है, हालांकि घी का दीपक भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
पूजा के दौरान हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें और संभव हो तो चोला चढ़ाएं। इसके साथ ही बूंदी या बेसन के लड्डू, गुड़-चना जैसे प्रसाद का भोग लगाएं। इस समय हनुमान चालीसा का सात बार पाठ करना और ‘ॐ हनुमते नमः’ मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी बताया गया है।
क्यों खास है हनुमान जयंती का दिन
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था, जिन्हें भगवान शिव का 11वां रुद्रावतार माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से भय, रोग और कष्टों से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। उनकी आराधना से मानसिक बल बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए यह दिन आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।









