होर्मुज संकट के बीच भारत-वेनेजुएला तेल समझौते की बड़ी संभावना, राष्ट्रपति की मोदी से मुलाकात

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की पीएम मोदी से मुलाकात। होर्मुज संकट के बीच भारत ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए तेल सप्लाई बढ़ाने पर समझौता

होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच तेल सप्लाई और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई, जिससे भारत को वैकल्पिक कच्चे तेल स्रोत मिल सकता है।

नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति Delcy Rodríguez ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की।

इस उच्च स्तरीय बैठक को ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति और दीर्घकालिक ऊर्जा सहयोग पर बड़े समझौते की संभावना जताई जा रही है।

भारत-वेनेजुएला संबंधों में ऊर्जा सहयोग का बढ़ता महत्व

बैठक से पहले कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने ऊर्जा, निवेश और व्यापार सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, वेनेजुएला के साथ भारत के संबंध लंबे समय से ऊर्जा क्षेत्र पर आधारित रहे हैं और वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में यह साझेदारी और अधिक रणनीतिक महत्व प्राप्त कर रही है।

होर्मुज संकट के बीच भारत की ऊर्जा रणनीति

वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है। इसी कारण भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश में है।

वेनेजुएला इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभर रहा है, क्योंकि उसके पास दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल भंडारों में से एक है।

वेनेजुएला का विशाल तेल भंडार और वैश्विक भूमिका

वेनेजुएला के पास लगभग 303 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार माना जाता है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े तेल-समृद्ध देशों में शामिल करता है। यह भंडार सऊदी अरब और संयुक्त राज्य अमेरिका से भी अधिक बताया जाता है।

ऊर्जा विश्लेषकों के अनुसार, यदि वैश्विक प्रतिबंध और भू-राजनीतिक बाधाएं कम होती हैं, तो वेनेजुएला वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर प्रमुख भूमिका निभा सकता है।

भारत को बढ़ रही वेनेजुएलाई तेल आपूर्ति

एनर्जी ट्रैकिंग एजेंसी केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में वेनेजुएला ने वैश्विक तेल आपूर्ति में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है और प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में अपनी स्थिति मजबूत की है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत को वेनेजुएला से होने वाले तेल निर्यात में अप्रैल की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी भारत की रिफाइनरियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रतिबंधों में ढील के बाद फिर शुरू हुआ तेल व्यापार

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तेल व्यापार पर लगाए गए प्रतिबंधों में आंशिक ढील के बाद दोनों देशों के बीच तेल व्यापार धीरे-धीरे फिर से शुरू हुआ। इसके बाद भारतीय रिफाइनरियों ने वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई।

हालांकि पिछले कुछ वर्षों में प्रतिबंधों के कारण यह व्यापार काफी प्रभावित हुआ था और 2024–25 तक कुल व्यापार घटकर लगभग 67.9 करोड़ डॉलर तक रह गया था।

भारत के लिए वेनेजुएलाई तेल क्यों महत्वपूर्ण है

वेनेजुएला का कच्चा तेल भारी और उच्च सल्फर युक्त होता है, जिसे रिफाइन करना अपेक्षाकृत कठिन माना जाता है। इसके बावजूद भारत की आधुनिक रिफाइनरी तकनीक इसे डीजल, जेट फ्यूल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों में बदलने में सक्षम है।

इस तेल की कीमत अपेक्षाकृत कम होने के कारण यह भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक विकल्प माना जाता है।

ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहा है ऊर्जा संबंध

वेनेजुएला भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में लंबे समय से शामिल रहा है। 2012 में यह भारत के शीर्ष तीन तेल आपूर्तिकर्ताओं में से एक था।

2019 तक दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 6.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, जिसमें तेल का प्रमुख योगदान था। उस समय वेनेजुएला हर साल लगभग 1.6 करोड़ टन कच्चा तेल भारत को निर्यात करता था।

भारतीय कंपनियों का निवेश और भविष्य की संभावनाएं

भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश भी मौजूद है। भारत सरकार के अनुसार, भारतीय कंपनियां वहां अपने निवेश को और विस्तार देने की संभावनाएं तलाश रही हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी कहा है कि वेनेजुएला भारत के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार बना हुआ है और दोनों देश इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

डेल्सी रोड्रिगेज की भारत यात्रा का महत्व

डेल्सी रोड्रिगेज भारत की यात्रा पर कई बार आ चुकी हैं और इस बार की यात्रा उनकी छठी भारत यात्रा मानी जा रही है। इससे पहले वे फरवरी 2025 में भारत आई थीं, जब उन्होंने ‘इंडिया एनर्जी वीक’ में भाग लिया था।

उस दौरान भी दोनों देशों ने ऊर्जा सहयोग, रिफाइनिंग साझेदारी और निवेश बढ़ाने पर चर्चा की थी।

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