इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट से मांगी रिहाई, खराब स्वास्थ्य और एकांत कारावास का दिया हवाला

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के वकील ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में आंख, स्वास्थ्य और एकांत कैद का हवाला देकर मानवीय आधार पर रिहाई की मांग की है ।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में मानवीय आधार पर रिहाई की मांग की है। उनके वकील ने स्वास्थ्य समस्याओं, आंख में संक्रमण और लंबे समय से एकांत कैद का हवाला देते हुए सजा निलंबित करने की अपील की।

इस्लामाबाद: Imran Khan ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से मानवीय आधार पर रिहाई की मांग करते हुए कहा है कि लंबे समय से जारी एकांत कारावास और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं ने उनकी स्थिति को गंभीर बना दिया है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री की ओर से यह अपील उस समय की गई, जब अदालत 19 करोड़ पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में उनकी सजा के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।

खान के वकील सलमान सफदर ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पिछले कई महीनों से जेल में कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं और उनकी एक आंख में संक्रमण की समस्या भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि मानवीयता और अनुकंपा के आधार पर खान की सजा को निलंबित कर उन्हें राहत दी जाए।

190 मिलियन पाउंड भ्रष्टाचार मामला क्या है?

यह मामला पाकिस्तान में चर्चित 190 मिलियन पाउंड भ्रष्टाचार प्रकरण से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच National Accountability Bureau (NAB) द्वारा की जा रही है। आरोप है कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी ने एक रियल एस्टेट कारोबारी से जुड़े समझौते में कथित अनियमितताओं के जरिए सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया।

पिछले वर्ष जनवरी में इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत ने इस मामले में इमरान खान को 14 साल और उनकी पत्नी Bushra Bibi को सात साल जेल की सजा सुनाई थी। अदालत ने दोनों को भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का दोषी माना था।

हालांकि, इमरान खान और उनकी पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। उनका कहना है कि यह मामला उन्हें राजनीति से बाहर करने की साजिश का हिस्सा है।

अदालत में क्या दलील दी गई?

सुनवाई के दौरान वकील सलमान सफदर ने कहा कि यह मामला 16 महीने से अधिक समय से लंबित है और अब तक 17 सुनवाई हो चुकी हैं। उन्होंने तर्क दिया कि अपील प्रक्रिया में अत्यधिक देरी हो रही है, जबकि खान लगातार जेल में कठिन परिस्थितियों में रह रहे हैं।

सफदर ने अदालत को बताया कि इमरान खान को लंबे समय से एकांत कारावास में रखा गया है, जिससे उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी एक आंख में संक्रमण है और उचित चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता है।

वकील ने अदालत से आग्रह किया कि अंतिम निर्णय आने तक सजा को निलंबित कर दिया जाए और उन्हें अस्थायी राहत प्रदान की जाए।

पाकिस्तान की राजनीति में बढ़ता तनाव

इमरान खान की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ चल रहे मामलों ने पाकिस्तान की राजनीति में गहरा प्रभाव डाला है। Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) के समर्थक लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए कानूनी मामलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा सकती।

खान की गिरफ्तारी के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे, जिससे राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ गई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रियाओं को लेकर चर्चा तेज हुई थी।

स्वास्थ्य और मानवाधिकारों पर उठ रहे सवाल

इमरान खान की कानूनी टीम लगातार यह दावा करती रही है कि जेल में उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक है। मानवाधिकार संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों ने भी पाकिस्तान में हाई-प्रोफाइल राजनीतिक कैदियों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक एकांत कारावास मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। ऐसे मामलों में अदालतें कई बार मानवीय आधार पर राहत देने पर विचार करती हैं, विशेषकर जब आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति कमजोर हो।

हालांकि, पाकिस्तान की न्यायपालिका ने अब तक इस मामले में कोई अंतिम राहत नहीं दी है और सुनवाई जारी है।

इमरान खान के खिलाफ कई मामले लंबित

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ भ्रष्टाचार, गोपनीय दस्तावेज लीक, अवैध विवाह और सत्ता के दुरुपयोग सहित कई मामले चल रहे हैं। पिछले दो वर्षों में उन्हें कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है और अलग-अलग अदालतों से राहत भी मिलती रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन मामलों का असर पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है। खान अभी भी देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते हैं और उनकी पार्टी का जनाधार मजबूत माना जाता है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें पाकिस्तान पर

इमरान खान का मामला अब केवल घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठन भी पाकिस्तान की न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक माहौल पर नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अदालत खान की स्वास्थ्य स्थिति और एकांत कारावास को गंभीर मानती है, तो उन्हें अस्थायी राहत मिल सकती है। वहीं, यदि अदालत भ्रष्टाचार के आरोपों को प्राथमिकता देती है, तो कानूनी प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है।

फिलहाल इस्लामाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है और पूरे पाकिस्तान की नजरें इस मामले के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।

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