Incognito Mode में भी ट्रैक हो सकती है आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी, जानें ब्राउजिंग प्राइवेसी की पूरी सच्चाई

Incognito Mode पूरी तरह प्राइवेट नहीं है। जानें कैसे ISP, वेबसाइट्स और लॉग-इन अकाउंट्स आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी ट्रैक कर सकते हैं।

कई इंटरनेट यूजर्स Incognito Mode को पूरी तरह प्राइवेट मानते हैं, लेकिन सर्च और ऑनलाइन एक्टिविटी कई जगह सेव हो सकती है। टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यूजर्स को इसकी सीमाओं और डेटा ट्रैकिंग के तरीकों को समझना जरूरी है।

Tech: Incognito Mode का इस्तेमाल करने वाले कई लोगों को लगता है कि उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी पूरी तरह छिप जाती है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। यह फीचर केवल डिवाइस पर लोकल हिस्ट्री और कुकीज सेव होने से रोकता है। वहीं इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, वेबसाइट्स और लॉग-इन अकाउंट्स के जरिए आपकी सर्च एक्टिविटी अब भी ट्रैक और स्टोर की जा सकती है।

Incognito Mode कैसे काम करता है?

Incognito Mode का मुख्य उद्देश्य ब्राउजर सेशन खत्म होने के बाद लोकल डेटा को सेव होने से रोकना होता है। जब यूजर इस मोड में ब्राउजिंग करता है, तो ब्राउजर हिस्ट्री, कुकीज और फॉर्म डेटा डिवाइस पर स्टोर नहीं किए जाते। इसका फायदा खासतौर पर तब होता है, जब कोई व्यक्ति साझा कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहा हो।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी इंटरनेट एक्टिविटी पूरी तरह गायब हो जाती है। यह फीचर केवल डिवाइस लेवल पर सीमित प्राइवेसी देता है, इंटरनेट पर पूरी तरह अनजान नहीं बनाता।

कौन-कौन देख सकता है आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी?

Incognito Mode इस्तेमाल करने के बावजूद कई प्लेटफॉर्म आपकी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक कर सकते हैं। इसमें इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP), ऑफिस या स्कूल नेटवर्क और वे वेबसाइट्स शामिल हैं जिन्हें यूजर विजिट करता है।

अगर कोई यूजर Google या अन्य सेवाओं में लॉग-इन रहकर सर्च करता है, तो उसकी एक्टिविटी अकाउंट हिस्ट्री में सेव हो सकती है। यही वजह है कि कई बार Incognito Mode में की गई सर्च भी ‘My Activity’ सेक्शन में दिखाई देती है। कंपनियां इसी डेटा का उपयोग पर्सनलाइज्ड विज्ञापन और बेहतर सर्च सुझाव देने के लिए करती हैं।

सेव की गई Search History को ऐसे हटाएं

अगर यूजर अपनी सेव की गई एक्टिविटी हटाना चाहता है, तो इसके लिए कुछ आसान स्टेप्स फॉलो किए जा सकते हैं:

  • अपने Google अकाउंट के ‘My Activity’ सेक्शन में जाएं
  • Search History या Web Activity विकल्प खोलें
  • जिन एक्टिविटी को हटाना हो उन्हें सेलेक्ट करें
  • Delete ऑप्शन पर क्लिक करके कन्फर्म करें
  • जरूरत पड़ने पर Auto-Delete फीचर भी ऑन किया जा सकता है

ऑनलाइन प्राइवेसी बनाए रखने के लिए केवल Incognito Mode पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं माना जाता। यूजर्स को अपने अकाउंट सेटिंग्स, ब्राउजर परमिशन और डेटा ट्रैकिंग विकल्पों की जानकारी रखना भी जरूरी है।

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