देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में बादल फटने से एक पुल और सड़क बह गई, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
India Weather Alert: भारत के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। उत्तर से लेकर पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत तक कई राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई, जिसके बाद मयाड़ घाटी के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। वहीं, असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
भारी बारिश के कारण गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली के कुछ हिस्सों में भी बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हुई है। राहत और बचाव अभियान में सेना को भी लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित इलाकों से 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से सात गांवों का संपर्क प्रभावित
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी में बादल फटने की घटना ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात धांधल नाला क्षेत्र में अचानक बादल फटने के बाद पहाड़ी नाले में तेज बहाव आ गया। पानी के तेज प्रवाह की वजह से एक पुल और सड़क को नुकसान पहुंचा और वे बह गए।
इस घटना के बाद मयाड़ घाटी के करीब सात गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित क्षेत्रों तक संपर्क बहाल करने के प्रयास जारी हैं। बादल फटना हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली अत्यधिक बारिश की एक गंभीर प्राकृतिक घटना है।
कम समय में बड़ी मात्रा में पानी गिरने से पहाड़ी नदियों और नालों में अचानक बाढ़ आ सकती है, जिससे सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
असम में बाढ़ से स्थिति गंभीर

पूर्वोत्तर राज्य असम भी लगातार बाढ़ की समस्या से जूझ रहा है। राज्य के कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 68 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का काम जारी है। राज्य प्रशासन के साथ राहत एवं बचाव दल भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
असम की स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से फोन पर बातचीत की। सोनोवाल राज्य में बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री ने स्थिति की जानकारी लेने के साथ राहत और बचाव कार्यों से संबंधित अपडेट भी लिया।
गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में राहत अभियान
भारी बारिश का असर पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिला है। गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली के कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए सेना को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया। अभियान के दौरान 790 से अधिक लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई है। राहत दलों की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है।
IMD ने अगले दो-तीन दिनों के लिए जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें और भारी बारिश या बाढ़ की स्थिति में जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।











