इंदौर में अगस्त के मध्य तक बारिश की रफ्तार बेहद धीमी रही और महीने में करीब 2 इंच पानी ही दर्ज हुआ। पूरे मानसून सीजन में अब तक लगभग 18 इंच बारिश हुई है, जबकि औसत कोटा पूरा करने के लिए 20 इंच से अधिक बारिश जरूरी है।
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में अगस्त महीने में मानसून की गतिविधि कमजोर बनी हुई है। अब तक शहर में करीब 18 इंच बारिश दर्ज हुई है, लेकिन अगस्त में बारिश 2 इंच तक भी नहीं पहुंची। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी से सक्रिय होने वाले सिस्टम के असर से बारिश बढ़ सकती है।
अगस्त में बारिश की रफ्तार पड़ी धीमी
इंदौर में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 18 इंच बारिश दर्ज की गई है, लेकिन अगस्त का आधे से ज्यादा महीना बीतने के बाद भी बारिश की स्थिति संतोषजनक नहीं है। अगस्त में अब तक 2 इंच से कम बारिश हुई है और पिछले कई दिनों से आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद तेज बारिश नहीं हुई।

शहर में अगस्त के दौरान अब तक किसी एक दिन भी आधा इंच से ज्यादा बारिश दर्ज नहीं हुई। सामान्य तौर पर इंदौर में अगस्त के पूरे महीने में करीब 10 से 11 इंच बारिश होती है और लगभग 12 से 13 दिन बारिश देखने को मिलती है।
औसत बारिश का आंकड़ा पूरा करने के लिए 20 इंच से ज्यादा पानी जरूरी
इंदौर के लिए मानसून सीजन का औसत कोटा पूरा करने के लिए अभी 20 इंच से ज्यादा बारिश की जरूरत बताई जा रही है। मानसून सीजन के करीब डेढ़ महीने का समय अभी बाकी है, इसलिए आने वाले हफ्तों की बारिश कुल आंकड़े के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों को बढ़ा सकता है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है।
आने वाले दिनों में बारिश की उम्मीद
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इंदौर में अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है। मौजूदा मौसम तंत्र के पश्चिमी मध्य प्रदेश तक पहुंचने के बाद शहर में बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है। हालांकि 18 अगस्त को इंदौर में तत्काल भारी बारिश से राहत की संभावना सीमित बताई गई है।
इंदौर के लिए अगस्त की बारिश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस महीने सामान्य से कम पानी गिरने पर मानसून सीजन का कुल आंकड़ा प्रभावित हो सकता है। अब आने वाले दिनों में होने वाली बारिश ही तय करेगी कि शहर सीजन के औसत वर्षा आंकड़े के कितने करीब पहुंच पाता है।











