दिल्ली के रघुबीर नगर में गोदाम में आग, ई-रिक्शा बैटरी ब्लास्ट से 2 लोगों की मौत

दिल्ली के रघुबीर नगर में सोमवार तड़के ई-रिक्शा बैटरियों से भरे एक गोदाम में धमाके के बाद भीषण आग लग गई। दमकल की चार गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। दो लोगो की मौत

दिल्ली के रघुबीर नगर में सोमवार तड़के ई-रिक्शा बैटरियों से भरे एक गोदाम में धमाके के बाद भीषण आग लग गई। दमकल की चार गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। हादसे में दो लोगों की मौत हुई, जिनकी पहचान सुफेद और मोहम्मद सामिद के रूप में हुई।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके में सोमवार तड़के एक गोदाम में भीषण आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गोदाम की पहली मंजिल पर रखी ई-रिक्शा की बैटरियों में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। हादसे के समय गोदाम में मौजूद दो लोग आग और धुएं की चपेट में आ गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

तड़के गोदाम में हुआ जोरदार धमाका

घटना रघुबीर नगर इलाके में स्थित एक गोदाम की बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गोदाम की पहली मंजिल पर ई-रिक्शा की बैटरियां रखी हुई थीं। सोमवार तड़के अचानक इनमें से एक बैटरी में जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

बैटरी में धमाके के बाद उठी लपटों ने आसपास रखे सामान को भी अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही समय में गोदाम के भीतर धुआं भर गया और आग तेजी से फैलने लगी। घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

आग लगने की वजह फिलहाल शुरुआती तौर पर बैटरी में हुआ विस्फोट बताई जा रही है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

सुबह 4:42 बजे दमकल विभाग को मिली सूचना

दिल्ली दमकल विभाग को आग लगने की सूचना सोमवार सुबह करीब 4 बजकर 42 मिनट पर मिली। सूचना मिलते ही दमकल की चार गाड़ियों को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया।

दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। गोदाम में रखी बैटरियों और अन्य सामान के कारण आग बुझाने में विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और इसके बाद गोदाम के भीतर तलाशी अभियान चलाया।

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोकने में मदद मिली। हालांकि, आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने से पहले दो लोग इसकी चपेट में आ चुके थे।

रेस्क्यू के बाद भी नहीं बच सकी जान

आग लगने के दौरान गोदाम में मौजूद दो लोग धुएं और आग की चपेट में आ गए। बचाव दल ने दोनों को बाहर निकाला और तत्काल गुरु गोविंद सिंह अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सा भाषा में उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ घोषित किया गया, यानी अस्पताल पहुंचने के समय ही उनकी मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान 17 वर्षीय सुफेद, पुत्र मोहम्मद नसीब और 38 वर्षीय मोहम्मद सामिद, पुत्र शेख रिदकी के रूप में हुई है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद दोनों परिवारों में मातम छा गया।

बैटरी में आग लगना बना जांच का मुख्य बिंदु

ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों में आग लगने या उनके क्षतिग्रस्त होने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे हादसों में बैटरी के भीतर तापमान बढ़ना, शॉर्ट सर्किट, चार्जिंग से जुड़ी तकनीकी समस्या या खराब बैटरी जैसे कई संभावित कारण हो सकते हैं।

हालांकि, रघुबीर नगर की इस घटना में आग किस वजह से लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि धमाका किस बैटरी में हुआ और उसके पीछे तकनीकी या अन्य कारण क्या था।

गोदाम में बैटरियों के भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। इसके अलावा यह भी देखा जा सकता है कि वहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं।

स्थानीय प्रशासन ने शुरू की जांच

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। दमकल विभाग की टीम ने आग बुझाने के बाद गोदाम की स्थिति का निरीक्षण किया। घटनास्थल से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि आग के कारण और घटनाक्रम को समझा जा सके।

पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों के सामने यह पता लगाना अहम है कि आग लगने के समय गोदाम में कितने लोग मौजूद थे और वहां बैटरियों को किस तरह रखा गया था।

मृतकों के शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। परिवारों को सूचना देने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गोदामों में बैटरी स्टोरेज को लेकर सुरक्षा सवाल

इस हादसे ने ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों के भंडारण को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल भी खड़े किए हैं। दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में यदि ज्वलनशील या ऊर्जा-सघन बैटरियों को बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के रखा जाए, तो आग लगने की स्थिति में खतरा तेजी से बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बैटरियों के भंडारण वाले स्थानों पर उचित वेंटिलेशन, तापमान नियंत्रण, सुरक्षित वायरिंग और अग्निशमन व्यवस्था जरूरी होती है। हालांकि, रघुबीर नगर के गोदाम में इन मानकों का पालन हुआ था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

आग बुझाने के बाद भी जारी रही तलाशी

दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के बाद गोदाम के अंदर दोबारा तलाशी अभियान चलाया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि अंदर कोई अन्य व्यक्ति फंसा न हो और किसी हिस्से में आग या धुआं बाकी न रह गया हो।

बैटरियों में दोबारा आग भड़कने की आशंका के कारण राहत और बचाव टीमों को सावधानी बरतनी पड़ी। ऐसे मामलों में आग बुझने के बाद भी क्षतिग्रस्त बैटरियां दोबारा गर्म होकर आग पकड़ सकती हैं, इसलिए घटनास्थल की निगरानी महत्वपूर्ण होती है।

दो परिवारों में छाया मातम

हादसे में 17 वर्षीय सुफेद और 38 वर्षीय मोहम्मद सामिद की मौत ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ओर जहां परिवार अपने परिजनों को खोने के दुख से गुजर रहे हैं, वहीं हादसे के कारणों को लेकर भी सवाल बने हुए हैं।

स्थानीय लोगों के बीच भी घटना को लेकर चिंता है। रिहायशी इलाके में स्थित गोदाम में आग और धमाके की घटना ने आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।

आगे की जांच में सामने आएगी हादसे की वजह

फिलहाल शुरुआती जानकारी में ई-रिक्शा की बैटरी में धमाके को आग की वजह बताया जा रहा है, लेकिन हादसे की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। पुलिस और प्रशासन आग लगने की परिस्थितियों, गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था और बैटरियों के भंडारण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर सकते हैं।

यह हादसा दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी बैटरियों के सुरक्षित इस्तेमाल और भंडारण की जरूरत को एक बार फिर सामने लाता है। जांच के बाद यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों या संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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