इंदौर में बुजुर्ग मां ने बेटियों पर 80 लाख की धोखाधड़ी का लगाया आरोप, कोर्ट के आदेश पर FIR

इंदौर में बुजुर्ग महिला की शिकायत पर कोर्ट के आदेश से दो बेटियों के खिलाफ ₹80 लाख की कथित धोखाधड़ी, गबन और धमकी देने के आरोप में FIR दर्ज हुई।

इंदौर में एक बुजुर्ग महिला ने अपनी दो बेटियों पर 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कोर्ट के निर्देश पर आजाद नगर पुलिस ने गबन और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इंदौर: इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला ने अपनी दो बेटियों पर पति की मृत्यु के बाद मिले 80 लाख रुपये की कथित हेराफेरी का आरोप लगाया है। पुलिस द्वारा पहले कार्रवाई नहीं किए जाने पर महिला ने अदालत का रुख किया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपित बेटियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

कोर्ट के आदेश के बाद दोनों बेटियों पर दर्ज हुआ मामला

इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक मामला अब आपराधिक जांच तक पहुंच गया है। फिरदौस नगर निवासी आयशा उर्फ आशा खान ने अपनी दो बेटियों पर लगभग 80 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी और गबन का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर पहले पुलिस ने इसे पारिवारिक लेन-देन का मामला मानते हुए कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद पीड़िता ने अदालत में परिवाद दायर किया। कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने दोनों आरोपित बेटियों के खिलाफ गबन और धमकी देने सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पति की मृत्यु के बाद खाते में जमा हुई थी राशि

शिकायत के अनुसार, आयशा खान के पति अब्बास खान बिजली विभाग में सुपरवाइजर थे। वर्ष 2012 में उनके निधन के बाद विभागीय लाभ के रूप में लगभग 80 लाख रुपये उनके बैंक खाते में जमा किए गए थे। परिवार के अनुसार, बेटे को अनुकंपा नियुक्ति मिली, जबकि आर्थिक लाभ महिला के खाते में आया। चूंकि बड़ी बेटी पढ़ी-लिखी थी, इसलिए बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, पासबुक और चेकबुक उसी के पास रहते थे। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर खाते से धीरे-धीरे पूरी राशि निकाल ली गई।

बैंक स्टेटमेंट से सामने आई कथित अनियमितता

पीड़िता का कहना है कि लंबे समय तक उन्हें खाते में हुए लेन-देन की जानकारी नहीं थी। बाद में जब उन्होंने वर्ष 2012 से 2024 तक का बैंक स्टेटमेंट निकलवाया, तो खाते से पूरी राशि निकाले जाने की जानकारी मिली। महिला के अनुसार, जब उन्होंने इस बारे में बेटी से जवाब मांगा तो पहले आरोपों से इनकार किया गया। बाद में कथित तौर पर 36 लाख रुपये परिवार के अलग-अलग खातों में वापस ट्रांसफर किए गए, लेकिन शेष 44 लाख रुपये लौटाने से मना कर दिया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे मांगने पर उन्हें धमकियां दी गईं और परिवार की संपत्ति से जुड़े कुछ दस्तावेज भी वापस नहीं किए गए।

पुलिस कर रही मामले की जांच

अदालत के आदेश के बाद आजाद नगर पुलिस ने दोनों आरोपित बेटियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी ताकि आरोपों की सत्यता का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के पक्ष पर आधारित हैं और जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

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