इंदौर में बुधवार को मानसून की एंट्री के साथ अच्छी बारिश हुई, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिली। हालांकि पहली ही बारिश में कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और ड्रेनेज व्यवस्था की खामियां सामने आ गईं। अगले पांच दिनों तक बारिश की संभावना जताई गई है।
इंदौर: इंदौर में मानसून की शुरुआत राहत और परेशानी दोनों लेकर आई। तेज बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख चौराहों और सड़कों पर पानी भर गया, जिससे घंटों तक ट्रैफिक प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से सक्रिय सिस्टम के चलते अगले पांच दिनों तक अच्छी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
मानसून की एंट्री के साथ मौसम ने बदला मिजाज
बुधवार को इंदौर में मानसून ने दस्तक देते ही मौसम का रुख बदल दिया। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिली, लेकिन शहर की तैयारियां पहली ही बारिश में कमजोर साबित हुईं। कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर जलभराव होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मौसम विभाग के अनुसार इस बार मध्य प्रदेश में मानसून अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों दिशाओं से सक्रिय हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
जलभराव और ट्रैफिक जाम से बढ़ी मुश्किलें
बारिश के बाद रोबोट चौराहा, बंगाली चौराहा, देवास नाका, विजय नगर, निपानिया और रिंग रोड सहित कई इलाकों में पानी भर गया। कई स्थानों पर दो से तीन फीट तक जलभराव होने से वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
खजराना चौराहे पर पानी में एक कार बंद हो जाने से ट्रैफिक और अधिक प्रभावित हुआ। एलआईजी चौराहे से अनुराग नगर की ओर जाने वाले मार्ग पर भी लंबी वाहन कतारें देखने को मिलीं। ऑफिस से लौट रहे लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।
विकास कार्यों और ड्रेनेज व्यवस्था पर उठे सवाल
शहर में स्टॉर्म वाटर लाइन, सीवरेज नेटवर्क और ड्रेनेज सुधार के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में इनकी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए। जहां सड़कों की खुदाई चल रही थी, वहां कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का आवागमन काफी प्रभावित रहा।
मेट्रो, फ्लाईओवर, ब्रिज और अमृत योजना से जुड़े निर्माण कार्यों वाले इलाकों में हालात ज्यादा खराब रहे। कई कॉलोनियों की सड़कें पानी और कीचड़ से भर गईं, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
बारिश के दौरान तेज हवा के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं भी सामने आईं। वहीं रिंग रोड स्थित मयूर अस्पताल के पास नर्मदा पाइपलाइन फूटने से बड़ी मात्रा में पानी बहता रहा, जिससे जल प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठे।
मौसम विभाग का अनुमान है कि इंदौर में अगले पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहर के तालाबों और भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए जुलाई से सितंबर के बीच अच्छी वर्षा होना जरूरी रहेगा।










