Published: Mar 26, 2026 · 12:00 AM IST · Updated: Mar 26, 2026 · 12:39 PM IST
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Photo Credit / Attribution: google
आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के बावजूद एक छात्रा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर इंटरमीडिएट परीक्षा में टॉप कर सबको प्रेरित किया है। इस सफलता के पीछे न केवल छात्रा की मेहनत है, बल्कि उसके पिता का संघर्ष और समर्पण भी उतना ही बड़ा है।
छात्रा के पिता ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वे ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जरूरी साधन जुटा सकें। कई बार ऐसा भी हुआ जब पढ़ाई के लिए मोबाइल और इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, लेकिन इसके बावजूद उनकी बेटी ने हार नहीं मानी और लगातार पढ़ाई करती रही।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे अपनी जमीन तक बेच देंगे, लेकिन बेटी की पढ़ाई नहीं रुकने देंगे। उनका कहना है कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिससे उनकी बेटी का भविष्य बेहतर बन सकता है और वे किसी भी हाल में उसे आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।
छात्रा ने भी अपने संघर्ष के बारे में बताते हुए कहा कि उसने सीमित संसाधनों में रहकर पढ़ाई की। वह नियमित रूप से समय का सही उपयोग करती थी और सेल्फ स्टडी पर ज्यादा ध्यान देती थी। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटने दिया और लगातार मेहनत करती रही।
परिवार के अन्य सदस्यों ने भी छात्रा का पूरा सहयोग किया। घर के कामों के बीच समय निकालकर पढ़ाई करना उसके लिए आसान नहीं था, लेकिन उसने हर चुनौती का सामना करते हुए खुद को साबित किया।
इस सफलता के बाद गांव और आसपास के इलाके में खुशी का माहौल है। लोग छात्रा और उसके परिवार को बधाई दे रहे हैं और उसकी कहानी को प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती। यह कहानी उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखते हैं।
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