Iran-US War: ईरान ने वियतनाम युद्ध की याद दिलाकर अमेरिका को चेताया, कहा- ‘जीत के झूठे दावे बंद करें’

ईरान ने अमेरिका पर इसे वियतनाम युद्ध जैसा इतिहास दोहराने का आरोप लगाया और “जीत के झूठे दावे” बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे इजरायल‑यूएस तनाव और बढ़ गया है

अब्बास अराघची ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति कुछ हद तक वियतनाम युद्ध जैसी लग रही है। अराघची का मतलब यह था कि जैसे वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिका बार-बार जीत का दावा करता था, लेकिन जमीन पर हालात अलग थे।

World News: ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए तनाव को जन्म दिया है। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने एक बड़ा बयान देते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्होंने अमेरिका के युद्ध के दावों की तुलना वियतनाम युद्ध से करते हुए कहा कि सिर्फ जीत का दावा करना पर्याप्त नहीं है; जमीन पर वास्तविक हालात कुछ और हैं।

अराघची ने किया वियतनाम युद्ध से तुलना

अराघची ने कहा कि अमेरिका आज भी वियतनाम युद्ध की तरह जीत के झूठे दावे कर रहा है, लेकिन वास्तविकता अलग है। उन्होंने फाइन ओ क्लॉक फॉलीज (Five O’Clock Follies) का जिक्र किया, जो 1960 के दशक में साइगोन में रोजाना होने वाली प्रेस ब्रीफिंग थी। उस दौरान अमेरिकी सेना यह दिखाने की कोशिश करती थी कि वे युद्ध जीत रहे हैं, जबकि वास्तव में हालात नियंत्रण से बाहर थे।

अराघची ने कहा, "जैसे वियतनाम में अमेरिकी दावे और जमीन पर हालात अलग थे, वैसा ही कुछ अब भी हो सकता है। अमेरिकी सरकार बार-बार कह रही है कि वह जीत रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।"

अमेरिका के दावे और वास्तविकता

ईरान के विदेश मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिकी F-35 Lightning II जेट को नुकसान हुआ है। इसके अलावा अमेरिकी युद्धपोत जैसे यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन पीछे हटते नजर आए। हालांकि अमेरिका की तरफ से कहा गया कि F-35 ने सुरक्षित लैंडिंग की और मामले की जांच चल रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को इस मुद्दे पर घरेलू आलोचना का सामना करना पड़ा। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने कहा कि अमेरिका जीत रहा है और ईरान की एयर डिफेंस कमजोर हुई है।

वियतनाम युद्ध से सीख

अराघची ने वियतनाम युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि सिर्फ सैनिकों की तादाद और बमबारी से जीत तय नहीं होती। वियतनाम में अमेरिका ने लाखों सैनिक भेजे और भारी बमबारी की, लेकिन अंत में उसे पीछे हटना पड़ा। उस युद्ध में 58,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मारे गए, जबकि 20 से 30 लाख वियतनामी नागरिकों की मौत हुई।

ईरान युद्ध में अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए और लगभग 200 घायल हुए। वहीं, ईरान में 1,400 से अधिक लोगों की मौत और 18,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अराघची का संदेश साफ है: "अगर अमेरिका केवल जीत का दावा करता रहेगा और जमीन पर हालात अलग रहेंगे, तो स्थिति वियतनाम जैसी हो सकती है।

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