IRGC ने इज़राइली पीएम नेतन्याहू को दी जान से मारने की धमकी, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव

ईरान की IRGC ने इज़राइली पीएम नेतन्याहू को जान से मारने की धमकी दी। दुबई और कुवैत में मिसाइल-ड्रोन हमलों से खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा।

IRGC ने इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को सीधे धमकी दी। दुबई, कुवैत और उत्तरी इराक में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हाई अलर्ट। हवाई मार्ग और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर चिंता बढ़ी।

Iran-Israel Conflict: मध्य पूर्व में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब बेहद व्यक्तिगत और घातक रूप ले चुका है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सीधे जान से मारने की धमकी दी। ईरान की अर्ध-सरकारी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, IRGC ने कसम खाई है कि वे नेतन्याहू का पीछा तब तक करेंगे जब तक उन्हें खत्म नहीं कर देते।

बयान में कहा गया, "अगर इज़राइली प्रधानमंत्री अभी भी ज़िंदा हैं, तो हम उनका पीछा करना जारी रखेंगे और उन्हें अपनी पूरी ताक़त से मार डालेंगे।" यह धमकी उस समय आई है जब नेतन्याहू की मौत की अफवाहें सोशल मीडिया पर फैल रही थीं।

AI वीडियो और छठी उंगली के दावे

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर भी विवाद बढ़ा। वीडियो में नेतन्याहू प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे थे। कुछ यूज़र्स ने दावा किया कि उनके दाहिने हाथ में छठी उंगली जैसी चीज़ दिखाई दी, जिसे AI ग्लिच यानी Deepfake का संकेत बताया गया।

हालांकि, इज़राइली पीएमओ ने इन दावों को तुरंत खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पूरी तरह ठीक हैं। अनादोलु एजेंसी के सवाल के जवाब में पीएमओ ने स्पष्ट किया कि ये फ़ेक न्यूज़ हैं और नेतन्याहू अपने कर्तव्यों में लगे हुए हैं।

ईरान की जवाबी कार्रवाइयाँ

28 फ़रवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव तेज़ हो गया था। इसके बाद ईरान ने इज़राइल और खाड़ी क्षेत्र के देशों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की लहर शुरू कर दी। IRGC ने बताया कि इन हमलों के तहत इराक़ के एरबिल स्थित अल-हरीर हवाई अड्डे, कुवैत के अली अल-सलेम और आरिफ़जान ठिकानों को निशाना बनाया गया।

IRGC ने इन हमलों को "ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4" की 52वीं लहर बताया और कहा कि यह ईरान के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मज़दूरों की हत्या के बदले की कार्रवाई है। उन्होंने दावा किया कि इन ठिकानों पर ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया।

दुबई और कुवैत में धमाके

बढ़ते संघर्ष के बीच, रविवार को दुबई में कई धमाकों की खबरें आईं। फुजैराह और मरीना इलाकों में हुए हमलों के बाद तेल टर्मिनल पर काम पूरी तरह ठप हो गया। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास और उत्तरी इराक की एक रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमलों की सूचना मिली। इन हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है।

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों से हवाई मार्गों, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और वैश्विक बाजारों पर असर पड़ सकता है। खाड़ी क्षेत्र के कई देश हाई अलर्ट पर हैं और अपने सुरक्षा इंतज़ाम कड़े कर दिए हैं।

इज़राइल में मिसाइल हमले जारी

ईरान ने इज़राइल को निशाना बनाना जारी रखा है। इज़राइली ब्रॉडकास्टर चैनल 12 के अनुसार रविवार को मध्य इज़राइल के होलोन शहर में ताज़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमले के दौरान दो लोग मामूली रूप से घायल हुए।

28 फ़रवरी से जारी अमेरिकी और इज़राइली सैन्य अभियान के बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है। इन हमलों में ईरान में कम से कम 1,300 लोग मारे गए, जिनमें तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई भी शामिल बताए जा रहे हैं।

IRGC के हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। दुबई और कुवैत में हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। तेल और ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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