ईरान में भारतीय रुपये की कीमत करोड़ों में पहुंच जाती है, जहां 20,000 रुपये करीब 9.5 करोड़ ईरानी रियाल के बराबर हैं। हालांकि यह सुनने में आकर्षक लगता है, लेकिन असल में ईरान की कमजोर अर्थव्यवस्था, महंगाई और प्रतिबंधों के कारण वहां की मुद्रा की असली ताकत काफी कम है।
Value of Indian Rupee in Iran: अगर कोई भारतीय ईरान में रुपये बदलवाता है, तो उसके 20 हजार रुपये करीब 9 करोड़ 51 लाख रियाल में बदल जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ईरानी करेंसी दुनिया की सबसे कमजोर मुद्राओं में से एक है। कभी तेल निर्यात से संपन्न रहा ईरान आज आर्थिक प्रतिबंधों और राजनीतिक अस्थिरता के कारण गहरे संकट में है। वहीं, शिक्षा और नौकरी के सीमित अवसर अभी भी वहां छात्रों और पेशेवरों को आकर्षित करते हैं।
क्यों इतनी कमजोर है ईरानी करेंसी
ईरान कभी तेल संपन्न और आर्थिक रूप से मजबूत देश था, लेकिन पिछले एक दशक में अमेरिकी प्रतिबंधों और राजनीतिक अस्थिरता ने इसकी स्थिति बिगाड़ दी। तेल निर्यात पर रोक और विदेशी निवेश में गिरावट से ईरानी रियाल की वैल्यू लगातार गिरती चली गई।
आज स्थिति यह है कि 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 47,000 रियाल तक पहुंच चुकी है। यही वजह है कि भारतीय रुपये का मूल्य वहां करोड़ों में दिखता है, लेकिन वस्तुतः उसकी खरीद क्षमता काफी सीमित है।

शिक्षा और करियर के लिए खुला है मौका
कमजोर अर्थव्यवस्था के बावजूद ईरान शिक्षा के क्षेत्र में एक सम्मानजनक स्थान रखता है। University of Tehran, Sharif University of Technology और Amirkabir University जैसी संस्थाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानी जाती हैं।
भारतीय छात्र यहां इंजीनियरिंग, साइंस, मेडिकल और आर्ट्स जैसे कोर्स सस्ती फीस में कर सकते हैं। पढ़ाई की लागत भारत की तुलना में कम हो सकती है, लेकिन रहने-खाने के खर्चे स्थानीय महंगाई के कारण काफी अधिक हैं।
ईरान में महंगाई का हाल
भले ही भारतीय रुपया वहां करोड़ों में बदल जाए, लेकिन असली खर्च भी उसी अनुपात में बढ़ जाता है। एक कप कॉफी की कीमत करीब 1 लाख रियाल होती है, जबकि किसी रेस्टोरेंट में सामान्य भोजन 5 से 6 लाख रियाल तक का पड़ता है।
ब्रांडेड वस्तुएं और आयातित सामान बेहद महंगे हैं क्योंकि देश पर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक प्रतिबंध लगे हुए हैं। यानी ईरान में जाकर आप नोटों की गड्डियां तो जरूर पकड़ सकते हैं, लेकिन उनकी असली क्रय-शक्ति बहुत सीमित है।









