Jamshedpur में नशे का विरोध करने वाले शांति समिति सदस्य की मौत, गिरफ्तारी की मांग पर सड़क जाम

जमशेदपुर में नशे का विरोध करने वाले आफताब आलम की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया।

जमशेदपुर में नशे के कारोबार का विरोध करने वाले शांति समिति सदस्य आफताब आलम की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद लोगों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर टायर जलाकर प्रदर्शन किया।

जमशेदपुर: बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार का विरोध करने वाले शांति समिति के सदस्य आफताब आलम की कोलकाता के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

इलाज के दौरान आफताब आलम ने तोड़ा दम

जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र की कैरेज कॉलोनी मुस्लिम बस्ती में रहने वाले शांति समिति के सदस्य आफताब आलम पर रविवार रात अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। गंभीर रूप से घायल आफताब को पहले टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ले जाया गया, जहां से उनकी हालत नाजुक होने पर कोलकाता के फोर्टिस अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल बन गया।

गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों का प्रदर्शन

आफताब आलम की मौत के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने बर्मामाइंस थाना रोड समेत कई स्थानों पर टायर जलाकर विरोध जताया और आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक सभी आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक आफताब आलम का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। बढ़ते तनाव को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सात गोलियां लगने से गंभीर रूप से हुए थे घायल

पुलिस के अनुसार, रविवार रात करीब 8:55 बजे रेलवे कंटेनर यार्ड के पास आफताब आलम पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। डॉक्टरों के मुताबिक उनके शरीर में सात गोलियां लगी थीं, जबकि एक अन्य गोली का घाव भी मिला था। देर रात तक ऑपरेशन चलने के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। अब उनकी मौत के बाद दर्ज मामले में हत्या की धारा जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है।

पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

आफताब आलम की पत्नी सलमा कादरी की शिकायत पर बर्मामाइंस थाना में शहवाज उर्फ भोंदू, मोहम्मद रेहान, अयान, उदय महतो, इमरान, मोहम्मद समद, रानी परवीन, अंगूरी बेगम, कुलसीम बीबी, बुगली और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने पहले से साजिश रचकर इस वारदात को अंजाम दिया। प्राथमिकी के अनुसार, घटना के समय एक आरोपी ने कथित तौर पर कहा था कि "आज आफताब को मार देंगे", जिसके बाद उन पर गोलियां चलाई गईं।

नशे के कारोबार का विरोध बना हमले की वजह

परिजनों का आरोप है कि आफताब आलम लंबे समय से इलाके में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वे युवाओं को नशे से दूर रखने और अवैध गतिविधियों का विरोध करने के लिए लगातार सक्रिय थे। इसी कारण उन्हें पहले भी कई बार जान से मारने की धमकियां मिली थीं। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपितों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही पूरे मामले और कथित आपराधिक नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है।

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