JEE Main 2026: प्रोविजनल आंसर-की पर सवाल, क्या रिजल्ट में हो सकती है देरी?

JEE Main 2026 सेशन 2 आंसर-की में करीब 300 सवालों पर आपत्तियां दर्ज हुईं। NTA ने एक्सपर्ट कमेटी बनाई, फाइनल रिजल्ट पर असर संभव है।

JEE Main 2026 सेशन 2 की प्रोविजनल आंसर-की में करीब 300 सवालों पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। खासकर केमिस्ट्री पेपर में त्रुटियों की शिकायतें सामने आई हैं। NTA ने जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित की है, जिससे फाइनल रिजल्ट और आंसर-की पर असर पड़ सकता है।

JEE Main 2026 Answer Key Updates: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 2 से 8 अप्रैल के बीच आयोजित जेईई मेन 2026 सेशन 2 की परीक्षा के बाद प्रोविजनल आंसर-की पर बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज की गई हैं। 9 शिफ्टों में हुए इस एग्जाम के कुल 675 सवालों में से करीब 300 पर छात्रों ने त्रुटियों की शिकायत की है। सबसे ज्यादा विवाद केमिस्ट्री पेपर को लेकर सामने आया है। स्थिति को देखते हुए NTA ने एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है, जो सभी आपत्तियों की जांच कर फाइनल आंसर-की तैयार करेगी। इससे रिजल्ट की टाइमलाइन पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

आंसर-की में बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज

जेईई मेन 2026 सेशन 2 की परीक्षा 2 से 8 अप्रैल के बीच 9 शिफ्टों में आयोजित की गई थी। कुल 675 सवालों में से लगभग 300 सवालों पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जो एक बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। कई छात्रों ने खासतौर पर केमिस्ट्री पेपर में अधिक त्रुटियों की शिकायत की है।

5 अप्रैल की दूसरी शिफ्ट के केमिस्ट्री पेपर में गंभीर गलतियों की बात सामने आई है। छात्रों का कहना है कि इन गलतियों का असर उनके स्कोर और रैंकिंग पर पड़ सकता है।

JEE Main 2026: प्रोविजनल आंसर-की पर सवाल, क्या रिजल्ट में हो सकती है देरी?

NTA ने बनाई एक्सपर्ट कमेटी, बढ़ी रिजल्ट पर नजर

आपत्तियों के बाद NTA ने एक विशेषज्ञ समिति बनाई है, जो सभी सवालों और उत्तरों की विस्तृत जांच कर रही है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही फाइनल आंसर-की तैयार की जाएगी और अंतिम परिणाम घोषित होंगे।

हालांकि, इस स्थिति के कारण रिजल्ट में हल्की देरी की आशंका जताई जा रही है। साथ ही, 23 अप्रैल से जेईई एडवांस्ड की आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के कारण NTA पर समय पर रिजल्ट जारी करने का दबाव भी बना हुआ है।

पिछले साल भी हुई थी ऐसी स्थिति

यह पहली बार नहीं है जब जेईई मेन में आंसर-की पर सवाल उठे हों। इससे पहले सेशन 1 में भी कई आपत्तियां दर्ज की गई थीं, जिसके बाद 7 सवाल हटा दिए गए थे। इस साल भी उसी तरह की स्थिति देखने को मिल रही है।

छात्रों और विशेषज्ञों का मानना है कि फाइनल आंसर-की की निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि यही उनके एडमिशन और करियर का आधार बनती है।

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