जयपुर शहर की साउथ पुलिस ने बुजुर्ग महिला से 4.23 लाख रुपये के गहने लूटने वाले मुख्य आरोपी को मुरैना से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने वारदात से पहले मंदिर में पूजा की और जुए के कर्ज के चलते लूट को अंजाम दिया।
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुजुर्ग महिला से दिनदहाड़े हुई ज्वेलरी लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सोडाला थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात के मुख्य आरोपी को मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से गिरफ्तार किया गया है। साथ ही लूटी गई ज्वेलरी खरीदने वाले दो स्थानीय ज्वेलर्स को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला केवल एक सामान्य लूट नहीं, बल्कि एक योजनाबद्ध अपराध था, जिसमें आरोपी ने पहले रेकी की और फिर मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया।
17 सेकंड में बुजुर्ग महिला को बनाया निशाना, 4.23 लाख की ज्वेलरी लूटी
घटना 2 जून को जयपुर के सोडाला क्षेत्र में हुई, जब एक बुजुर्ग महिला मंदिर से लौट रही थीं। इसी दौरान आरोपी ने उनका पीछा किया और सुनसान स्थान पर अचानक हमला कर दिया।
महिला को सड़क पर गिराकर आरोपी ने उनके कान के टॉप्स और सोने की चेन सहित करीब 4.23 लाख रुपये की ज्वेलरी लूट ली। पूरी वारदात महज कुछ सेकंड में अंजाम दी गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
500 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी तक पहुंची पुलिस
जयपुर साउथ पुलिस ने मामले की जांच के दौरान लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी जांच और स्थानीय सूचना तंत्र के आधार पर आरोपी की पहचान अनिकेश रावत (21) के रूप में हुई, जो मूल रूप से मध्यप्रदेश के मुरैना का रहने वाला है और जयपुर में किराए पर रह रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से इलाके में संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था और महिलाओं को निशाना बनाने के लिए रेकी कर रहा था।
मुरैना में छापेमारी, छत से कूदकर भागने की कोशिश
पुलिस टीम ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर मध्यप्रदेश के सबलगढ़ क्षेत्र में दबिश दी। जैसे ही पुलिस उसके घर पहुंची, आरोपी ने भागने की कोशिश की और छत से कूद गया। इस दौरान उसे चोटें भी आईं, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
बाद में उसे जयपुर लाकर पूछताछ की गई, जहां उसने वारदात करना स्वीकार कर लिया।

मंदिर में दो घंटे रुका, फिर वारदात को दिया अंजाम
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी घटना वाले दिन सुबह से ही इलाके में घूम रहा था। वह पहले हनुमान मंदिर गया और करीब दो घंटे तक वहां रुका रहा। इसके बाद वह रेकी करते हुए सोडाला और आसपास के इलाकों में घूमता रहा।
इसी दौरान उसने बुजुर्ग महिला को अकेले जाते देखा और उनका पीछा करना शुरू कर दिया। सुनसान जगह मिलते ही उसने हमला कर लूट की वारदात को अंजाम दिया।
जुए और कर्ज ने बना दिया अपराधी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जुए और सट्टे की लत का शिकार था। इसी कारण उस पर भारी कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपनी मोटरसाइकिल तक गिरवी रख दी थी।
आर्थिक दबाव और लत के कारण उसने अपराध का रास्ता चुना और लूट की घटनाओं में शामिल हो गया।
लूटी गई ज्वेलरी खरीदने वाले दो ज्वेलर्स गिरफ्तार
लूट के बाद आरोपी ने चोरी की गई ज्वेलरी जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में बेची थी। इस आधार पर पुलिस ने गोपाल ज्वेलर्स से जुड़े दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार ज्वेलर्स की पहचान महेश चंद्र गुप्ता (61) और राजेंद्र अग्रवाल (63) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि दोनों से पूछताछ की जा रही है कि क्या वे पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रहे हैं।
पहले भी कर चुका है चेन स्नेचिंग की वारदात
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अनिकेश रावत पहले भी एक चेन स्नेचिंग मामले में शामिल रह चुका है। 24 अप्रैल को उसने जयपुर के महेश नगर क्षेत्र में एक महिला से मकान पूछने के बहाने सोने की चेन छीन ली थी।
पुलिस अब उस पुराने मामले की भी गहन जांच कर रही है और अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश की जा रही है।
बुजुर्गों को खास तौर पर बनाता था निशाना
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी विशेष रूप से बुजुर्ग महिलाओं और अकेले चलने वाले लोगों को निशाना बनाता था। वह पहले इलाके की रेकी करता और फिर सही समय देखकर हमला करता था।
उसकी रणनीति में पीड़ित को अचानक गिराकर लूट करना शामिल था, जिससे लोग तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे पाते थे।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा था या अकेले ही वारदातों को अंजाम दे रहा था। उसके मोबाइल डेटा और संपर्कों की जांच की जा रही है ताकि अन्य संभावित साथियों का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के अपराधों में अक्सर अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय रहते हैं, जो लूट का सामान खरीदने और बेचने में मदद करते हैं।
पुलिस की सतर्कता से खुला पूरा मामला
जयपुर पुलिस के अनुसार सीसीटीवी निगरानी और तकनीकी विश्लेषण ने इस मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। यदि फुटेज की बारीकी से जांच नहीं की जाती, तो आरोपी की पहचान करना मुश्किल हो सकता था।












