Monsoon Update 2026: केरल में शुरू हुई बारिश, जानें देश के अन्य राज्यों में कब पहुंचेगा मानसून

Monsoon Update 2026: केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत हो चुकी है। जानें महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान समेत देश के विभिन्न राज्यों

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार केरल में दस्तक दे दी है। गुरुवार सुबह लगभग 11 बजे India Meteorological Department ने आधिकारिक रूप से केरल में मानसून के आगमन की घोषणा की।

नई दिल्ली: भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार केरल में आधिकारिक तौर पर प्रवेश कर लिया है, जिससे देश के सबसे महत्वपूर्ण मौसम चक्र की शुरुआत हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को घोषणा की कि मानसून ने केरल, लक्षद्वीप, माहे तथा कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में व्यापक वर्षा दर्ज की जा रही है।

मानसून का आगमन कृषि, जल संसाधनों और देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष मानसून सामान्य तिथि से कुछ दिन बाद पहुंचा है, हालांकि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह देरी सामान्य सीमा के भीतर है।

केरल में शुरू हुई मानसूनी बारिश

केरल में मानसून पहुंचने के बाद कई जिलों में लगातार बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। तमिलनाडु और तटीय कर्नाटक के हिस्सों में भी मानसूनी गतिविधियां तेज हो रही हैं। आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सात दिनों तक की देरी या जल्दी को सामान्य माना जाता है। इस वर्ष प्रारंभिक अनुमान 26 मई का था, लेकिन वास्तविक आगमन कुछ दिन बाद हुआ।

देश के विभिन्न राज्यों में कब पहुंचेगा मानसून?

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले 10 से 15 दिनों के भीतर मानसून दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ सकता है। संभावित प्रगति इस प्रकार मानी जा रही है:

  • कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के अधिकांश हिस्से: जून के दूसरे सप्ताह तक
  • तेलंगाना और महाराष्ट्र: मध्य जून तक
  • छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से: जून के मध्य से अंत तक
  • पूर्वी भारत के राज्य जैसे पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार: जून के तीसरे सप्ताह तक
  • उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान: जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के शुरुआती दिनों तक

हालांकि मानसून की वास्तविक प्रगति मौसमीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।

क्या इस साल सामान्य से कम होगी बारिश?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय वैश्विक जलवायु प्रणाली ENSO (एल नीनो-दक्षिणी दोलन) न्यूट्रल स्थिति से एल नीनो की ओर बढ़ रही है। एल नीनो आमतौर पर भारतीय मानसून को कमजोर कर सकता है और कुछ क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा कम कर सकता है। हालांकि एक सकारात्मक इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) विकसित होने की संभावना भी जताई गई है, जो एल नीनो के प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित कर सकता है।

पूर्वानुमान के अनुसार 11 से 17 जून के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा सामान्य से कम रह सकती है। वहीं कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज होने की संभावना है।

मानसून की शुरुआत ऐसे समय हुई है जब दुनिया के कई हिस्से भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। हाल ही में जारी एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में दुनिया के 205 प्रमुख शहरों का हीट रिस्क आकलन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार इराक का अल-बसरा शहर गर्मी के लिहाज से सबसे अधिक संवेदनशील पाया गया। भारत के तीन शहर—अहमदाबाद, नागपुर और मदुरै—भी दुनिया के शीर्ष 10 उच्च ताप जोखिम वाले शहरों में शामिल रहे।

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