जयपुर में झुकी हुई 5 मंजिला इमारत को ध्वस्त किया गया: रामगंज क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से खाली कराए गए 15 मकान

राजस्थान के जयपुर के रामगंज में झुक चुकी 5 मंजिला बिल्डिंग को नगर निगम ने गिराया। सुरक्षा के चलते आसपास के 15 मकान खाली कराए गए थे, कोई जनहानि नहीं हुई।

जयपुर के रामगंज क्षेत्र में निर्माण के दौरान झुक चुकी 5 मंजिला बिल्डिंग को नगर निगम ने सुरक्षा के बीच गिरा दिया। पहले आसपास के 10 से 15 मकान खाली कराए गए थे। कार्रवाई में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के रामगंज क्षेत्र में गुरुवार को एक 5 मंजिला आवासीय इमारत को नियंत्रित तरीके से ध्वस्त कर दिया गया। यह इमारत निर्माण के दौरान संरचनात्मक खामियों के कारण एक तरफ झुक गई थी, जिसके बाद इसे गंभीर रूप से असुरक्षित घोषित किया गया था।

नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में विशेषज्ञों की निगरानी के तहत यह ध्वस्तीकरण पूरा किया गया। प्रशासन ने पहले ही आसपास के क्षेत्र को खाली कराकर किसी भी संभावित दुर्घटना को टाल दिया।

रामगंज के चीता वालों का मोहल्ला में हुआ हादसे का खतरा

यह इमारत जयपुर के रामगंज क्षेत्र स्थित चीता वालों का मोहल्ला, जगन्नाथ शाह के रास्ते में बनी हुई थी। निर्माण कार्य के दौरान कुछ पिलरों को नुकसान पहुंचने के कारण 9 मई को यह इमारत एक ओर झुक गई थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इमारत को खाली करवा दिया था। इसके बाद तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा किए गए निरीक्षण में इसे “अत्यधिक असुरक्षित” घोषित किया गया।

15 मकान खाली कराए गए, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया

ध्वस्तीकरण से पहले प्रशासन ने एहतियातन आसपास के 10 से 15 मकानों को खाली कराया और वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे इलाके को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया गया। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी ताकि कार्रवाई के दौरान कोई दुर्घटना न हो।

भारी पुलिस बल और प्रशासनिक टीम मौके पर तैनात

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान रामगंज थाना पुलिस और नगर निगम की टीमें बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद रहीं।

Jaipur Municipal Corporation के किशनपोल जोन के कार्यकारी अभियंता (XEN) एल. एन. मीना ने बताया कि इमारत की स्थिति को देखते हुए सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इसे गिराने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में संपन्न हुई और किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई।

सुरक्षा मानकों के साथ नियंत्रित ध्वस्तीकरण

प्रशासन ने बताया कि इमारत को गिराने से पहले पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। ध्वस्तीकरण के दौरान भारी मशीनरी और तकनीकी टीमों का उपयोग किया गया।

सुरक्षा के मद्देनज़र आसपास की सड़कों को भी बंद कर दिया गया था। मलबा गिरने की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंधन किया गया, जिससे आसपास की इमारतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

23 दिन पहले सामने आई थी इमारत की गंभीर समस्या

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह इमारत लगभग 23 दिन पहले निर्माण संबंधी तकनीकी खामी के कारण एक तरफ झुक गई थी। इसके बाद से ही क्षेत्र को संवेदनशील घोषित कर दिया गया था।

विशेषज्ञों की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि इमारत की संरचना अब सुरक्षित नहीं है और किसी भी समय ढहने का खतरा बना हुआ है।

इस रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने इसे गिराने का अंतिम निर्णय लिया।

स्थानीय लोगों में दहशत, लेकिन राहत की सांस

इमारत के झुकने के बाद से आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल था। कई परिवारों ने अपने घर अस्थायी रूप से छोड़ दिए थे।

ध्वस्तीकरण के बाद स्थानीय निवासियों ने राहत की भावना व्यक्त की और प्रशासन के समय पर लिए गए निर्णय की सराहना की। लोगों का कहना है कि यदि यह कार्रवाई समय पर नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित

ध्वस्तीकरण के दौरान पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया और कई रास्तों को अस्थायी रूप से बंद रखा गया।

पुलिस ने किसी भी प्रकार की भीड़ को रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए। ड्रोन और निगरानी टीमों के माध्यम से पूरे क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखी गई।

विशेषज्ञों की निगरानी में पूरी कार्रवाई

नगर निगम और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने इमारत गिराने की पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से अंजाम दिया।

अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की असुरक्षित इमारतों को नियंत्रित तरीके से गिराना एक अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया होती है, जिसमें थोड़ी सी चूक भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।

इसलिए हर चरण में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया गया।

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