मालवीय नगर होटल अग्निकांड में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत, बीमार पिता अकेले बचे

दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती बीमार पिता राधेश्याम अग्रवाल की जान बच गई।

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग में गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती परिवार के मुखिया राधेश्याम अग्रवाल हादसे के समय होटल में मौजूद नहीं थे, जिससे उनकी जान बच गई।

 New Delhi: मालवीय नगर के हौज़रानी इलाके में स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने गुरुग्राम के एक परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। हादसे में चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी, मां, बेटियों समेत परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गई। बीमार होने के कारण अस्पताल में भर्ती परिवार के मुखिया इस त्रासदी में जीवित बच गए।

अस्पताल में भर्ती पिता की जान बची, पूरा परिवार हादसे का शिकार

दिल्ली के हौज़रानी क्षेत्र स्थित फ्लरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी विवेक अग्रवाल का परिवार होटल में ठहरा हुआ था, जहां अचानक आग लगने के बाद स्थिति बेकाबू हो गई। आग की चपेट में आने से परिवार के आठ सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार परिवार के मुखिया राधेश्याम अग्रवाल पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और उनका इलाज साकेत स्थित एक अस्पताल में चल रहा था। परिवार के सदस्य उनकी देखभाल के लिए दिल्ली में रुके हुए थे और होटल में ठहरे थे। अस्पताल में भर्ती होने के कारण राधेश्याम अग्रवाल इस हादसे से बच गए, लेकिन उन्होंने अपने परिवार के लगभग सभी करीबी सदस्यों को खो दिया।

विवेक अग्रवाल, पत्नी और बेटियों समेत कई रिश्तेदारों की मौत

हादसे में चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल, बेटियां जीविषा और वार्या अग्रवाल समेत परिवार के अन्य रिश्तेदारों की जान चली गई। मृतकों में शामिल सभी लोग एक ही परिवार से जुड़े थे, जिससे यह हादसा और अधिक दुखद बन गया है।

परिवार को जानने वाले लोगों के अनुसार विवेक अग्रवाल सामाजिक और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल भी अपने क्षेत्र में सक्रिय थीं और उन्होंने हाल के वर्षों में विभिन्न सामाजिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों में भाग लिया था। परिवार की दोनों बेटियां पढ़ाई कर रही थीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें थीं, जो इस हादसे के साथ खत्म हो गईं।

इलाके में शोक, लोगों में गहरा दुख

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन, परिचित और स्थानीय लोग अस्पताल और संबंधित स्थानों पर पहुंचने लगे। पड़ोसियों और जानने वालों के बीच इस घटना को लेकर गहरा दुख और शोक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही परिवार के इतने सदस्यों की मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।

विवेक अग्रवाल के परिचितों ने बताया कि परिवार हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़ा रहता था और राधेश्याम अग्रवाल की बीमारी के दौरान सभी सदस्य उनकी देखभाल में जुटे हुए थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि परिवार पर इतनी बड़ी त्रासदी आ जाएगी।

अग्निकांड की जांच जारी

होटल में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आग कैसे लगी और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया।

इस दर्दनाक घटना ने होटलों और अन्य व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। वहीं अस्पताल में भर्ती राधेश्याम अग्रवाल के सामने अपने पूरे परिवार को खोने का गहरा और असहनीय दुख खड़ा है, जिसने इस हादसे को और भी मार्मिक बना दिया है।

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