विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात कर टेक्नोलॉजी, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने सिडनी हमले की निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ समर्थन जताया।
New Delhi: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की और टेक्नोलॉजी, अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने विश्वास जताया कि भारत-इज़राइल की द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी भविष्य में और मजबूत होगी। इस मुलाकात का उद्देश्य दोनों देशों के बीच मौजूदा सहयोग को गहरा करना और वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देना है।
जयशंकर की दो दिवसीय इज़राइल यात्रा
जयशंकर मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 को दो दिवसीय यात्रा पर इज़राइल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से मुलाकात की और अपने इज़राइली समकक्ष गिदोन सार तथा अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकत के साथ चर्चा की। बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात कर प्रौद्योगिकी, कौशल और प्रतिभा, संपर्क और सुरक्षा में सहयोग को और गहरा करने के विषय पर विचार-विमर्श किया। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यरुशलम में नेतन्याहू से मुलाकात कर अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नेतन्याहू को हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं।
द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी पर जोर
दोनों नेताओं ने यह विश्वास जताया कि भारत और इज़राइल की रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। उन्होंने वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर विचार साझा किया और इस बात पर सहमति बनाई कि सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और आर्थिक साझेदारी दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस मुलाकात ने दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने का संकेत दिया।

सिडनी हमले पर कड़ा रुख
इस मुलाकात के दौरान जयशंकर ने सिडनी के बॉन्डी बीच पर हनुक्का उत्सव के दौरान हुए आतंकवादी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस हमले में हुए जानमाल के नुकसान पर भारत गहरी संवेदना व्यक्त करता है। जयशंकर ने कहा कि भारत और इज़राइल दोनों ही आतंकवाद के खिलाफ "ज़ीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाते हैं और आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ सहयोग जारी रहेगा। उन्होंने इज़राइल का धन्यवाद किया कि उसने आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों में समर्थन दिया।
व्यापार और तकनीकी सहयोग पर चर्चा
जयशंकर और नेतन्याहू ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में भी चर्चा की। उन्होंने यह तय किया कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को गति दी जाएगी और नई तकनीकी परियोजनाओं के माध्यम से उद्योग और कृषि क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाई जाएगी। इज़राइल के पर्यटन मंत्री हैम काट्ज़, अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकत, कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिक्टर और वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने इस वर्ष की शुरुआत में भारत का दौरा किया था। इस दौरे में दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के तरीके तलाशे।
आतंकवाद के खिलाफ सहयोग
जयशंकर ने इस अवसर पर कहा कि भारत और इज़राइल की साझेदारी केवल आर्थिक नहीं बल्कि सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ भी मजबूत है। उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ साझा रणनीति अपनाते हैं और एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। इस मुलाकात में आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर गहन चर्चा की गई और साझा उपायों पर जोर दिया गया।
जयशंकर अबू धाबी से तेल अवीव पहुंचे। उन्होंने वहां प्रतिष्ठित सर बानी यस फोरम में हिस्सा लिया और भारत-यूएई आयोग की 16वीं बैठक और भारत-यूएई रणनीतिक संवाद के पांचवें दौर में भी भाग लिया। इस बैठक और संवाद का उद्देश्य क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देना था।











