तमिलनाडु के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस पर TVK को समर्थन देकर विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से DMK और कांग्रेस का दो दशक पुराना गठबंधन टूट गया है और वे इस बात को नहीं भूलेंगे।
चेन्नई: तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में प्रमुख चेहरा Udhayanidhi Stalin ने कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी ने द्रमुक के साथ “विश्वासघात” किया है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति और राष्ट्रीय गठबंधन INDIA ब्लॉक में बड़ी हलचल मच गई है।
उदयनिधि ने कहा कि कांग्रेस ने अभिनेता विजय की राजनीतिक पार्टी TVK को समर्थन देकर DMK के साथ लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक रिश्ते को नुकसान पहुंचाया है। उनके अनुसार, यह कदम कांग्रेस की तरफ से किया गया ऐसा निर्णय है जिसे DMK नेतृत्व “कभी नहीं भूल सकता।”
20 साल पुराना कांग्रेस-DMK गठबंधन टूटने की कगार पर
कांग्रेस और DMK के बीच गठबंधन पिछले दो दशकों से तमिलनाडु की राजनीति का एक महत्वपूर्ण आधार रहा है। हालांकि, हालिया घटनाक्रम के बाद यह रिश्ता लगभग पूरी तरह टूट गया है।
DMK नेताओं के अनुसार, हाल ही में हुए विधानसभा और राजनीतिक समीकरणों के बाद कांग्रेस के कुछ विधायकों ने TVK को समर्थन देना शुरू किया, जिससे दोनों दलों के बीच भरोसे का संकट गहरा गया।
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि चुनाव के बाद कांग्रेस के कई विधायक DMK नेतृत्व से मिलने तक नहीं आए, जिसे उन्होंने “राजनीतिक दूरी और असहयोग” का संकेत बताया।
INDIA ब्लॉक बैठक से दूरी बनाने का संकेत
इस विवाद का असर राष्ट्रीय स्तर पर बने विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक पर भी दिखाई दे रहा है। 8 जून को दिल्ली में होने वाली INDIA ब्लॉक की अहम बैठक में Udhayanidhi Stalin के शामिल न होने की संभावना जताई जा रही है।
इस बैठक में कांग्रेस नेता, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव सहित कई बड़े विपक्षी नेता शामिल हो सकते हैं।
INDIA गठबंधन की यह बैठक आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन DMK की दूरी इस गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर रही है।
TVK को समर्थन बना विवाद की वजह
विवाद की जड़ में अभिनेता विजय की नई राजनीतिक पार्टी TVK को दिया गया कथित समर्थन बताया जा रहा है।
DMK नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया और ऐसे समय में TVK के साथ राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश की जब DMK और कांग्रेस मिलकर चुनावी रणनीति बना रहे थे।
TVK, जिसे हाल ही में तमिल सिनेमा स्टार विजय ने लॉन्च किया है, तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से उभरती हुई पार्टी मानी जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी ने विधानसभा स्तर पर भी कुछ प्रभाव दिखाया है, जिससे पुराने राजनीतिक समीकरण प्रभावित हुए हैं।
लोकसभा में सीट बंटवारे और दूरी का असर
राजनीतिक तनाव केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर संसद तक भी पहुंच गया है।
DMK सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर कांग्रेस सांसदों के साथ बैठने की व्यवस्था बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा हालात में दोनों दलों के बीच सहयोगात्मक वातावरण नहीं बचा है।
DMK, जो लोकसभा में एक मजबूत क्षेत्रीय दल के रूप में उभरा है, अब INDIA ब्लॉक के भीतर अपनी स्थिति पर पुनर्विचार करता दिख रहा है।
कांग्रेस-DMK रिश्तों का ऐतिहासिक सफर
कांग्रेस और DMK के रिश्ते कई दशकों से उतार-चढ़ाव से भरे रहे हैं। 1960 के दशक में दोनों दलों के बीच वैचारिक दूरी थी, लेकिन बाद में गठबंधन की राजनीति शुरू हुई।
1970 के दशक में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में दोनों दलों के बीच सहयोग बढ़ा और लोकसभा चुनावों में साझेदारी भी देखने को मिली। हालांकि, 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस ने DMK पर कठोर रुख अपनाया और दोनों दलों के रिश्ते टूट गए।

इसके बाद 1990 के दशक में तमिलनाडु की राजनीति में नए गठबंधन बने और कांग्रेस ने कभी AIADMK के साथ तो कभी अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ हाथ मिलाया।
2004 में फिर बना मजबूत गठबंधन
2004 में कांग्रेस और DMK ने फिर से साथ आकर राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा प्रभाव डाला। उस समय दोनों दलों ने तमिलनाडु में लोकसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया और सभी 39 सीटों में से अधिकांश पर जीत हासिल की।
इसके बाद UPA सरकार के दौरान DMK केंद्र में एक महत्वपूर्ण सहयोगी पार्टी बन गई।
2013 में श्रीलंका तमिल मुद्दे पर मतभेद के चलते DMK ने समर्थन वापस ले लिया, लेकिन चुनावी स्तर पर रिश्ते पूरी तरह नहीं टूटे।
2019 और 2021 के चुनावों में दोनों दलों ने फिर से साथ मिलकर चुनाव लड़ा और भारी सफलता हासिल की।
2026 के बाद राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदले
हालिया राजनीतिक घटनाओं के बाद स्थिति फिर बदल गई है। 2026 के चुनाव के बाद कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने की खबरों ने DMK को नाराज कर दिया।
DMK नेताओं का कहना है कि यह कदम गठबंधन की भावना के खिलाफ है और इससे विश्वास की गंभीर कमी पैदा हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद INDIA ब्लॉक की एकता पर भी असर डाल सकता है, खासकर दक्षिण भारत में।
INDIA ब्लॉक पर असर की आशंका
विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक, जो आगामी राष्ट्रीय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहा है, इस विवाद से प्रभावित हो सकता है।
DMK और कांग्रेस जैसे प्रमुख सहयोगियों के बीच दरार से गठबंधन की रणनीति कमजोर पड़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विवाद आगे बढ़ता है तो INDIA ब्लॉक की एकजुटता और चुनावी तैयारी पर सीधा असर पड़ेगा।











