कानपुर में एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां 82 वर्षीय बुजुर्ग डॉक्टर की घर में मौत हो गई और उनका बेटा कई दिनों तक शव के पास ही बैठा रहा। उसे इस बात का अहसास तक नहीं हुआ कि उसके पिता की मौत हो चुकी है। घर से तेज दुर्गंध आने के बाद जब डॉक्टर की बेटी अपने बेटे के साथ उनसे मिलने पहुंची, तब इस घटना का पता चला। फ्लैट के अंदर पिता का शव बिस्तर पर पड़ा था और बेटा पास ही मौजूद था। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को सूचना दी गई।
यह मामला कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर स्थित अमन इन्क्लेव अपार्टमेंट का है। यहां फ्लैट नंबर ए-304 में डॉक्टर प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव अपने बेटे विजय श्रीवास्तव के साथ रहते थे। डॉक्टर की उम्र 82 वर्ष थी। उनकी तीन बेटियां अर्चना, भावना और प्रीति हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। डॉक्टर के साथ उनका बेटा रहता था, जिसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया है।
जानकारी के मुताबिक डॉक्टर प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव की मौत कई दिन पहले हो चुकी थी। उनका शव घर के अंदर बिस्तर पर पड़ा रहा और बेटा उसी फ्लैट में मौजूद था। वह पिता की मौत से अनजान उनके पास ही बैठा रहा। इस दौरान फ्लैट से धीरे-धीरे तेज दुर्गंध आने लगी। आसपास के लोगों को भी घर से बदबू आने का अहसास हुआ, लेकिन घटना की जानकारी तब सामने आई जब परिवार के सदस्य उनसे मिलने पहुंचे।
डॉक्टर की बेटी अर्चना का बेटा अनमोल नई कार खरीदने के बाद अपने नाना से मिलने पहुंचा था। वह मंदिर में दर्शन करने के बाद अपनी मां के साथ नाना के घर प्रसाद लेकर आया था। घर में प्रवेश करते ही उसे तेज दुर्गंध महसूस हुई। इसके बाद जब वह अंदर गया तो बिस्तर पर नाना का शव पड़ा देखा। वहीं उसके मामा विजय श्रीवास्तव पास में ही बैठे हुए थे। यह दृश्य देखकर परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर पनकी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फ्लैट के अंदर की स्थिति का जायजा लिया और परिवार के सदस्यों से घटना के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि डॉक्टर की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई थी।
पनकी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट के मुताबिक डॉक्टर के बेटे को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया है। शुरुआती जानकारी में यही सामने आया कि पिता की मौत के बाद भी बेटा कई दिनों तक उनके पास ही रहा और उसे घटना का पता नहीं चल सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना ने परिवार और आसपास के लोगों को झकझोर दिया है। बुजुर्ग डॉक्टर की मौत के बाद कई दिनों तक घर में किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह किसी को घटना की सूचना भी नहीं दे पाया। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।










