कानपुर में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। यहां एक सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीसरे युवक को पुलिस और SDRF टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना तड़के करीब सुबह 3:30 बजे की बताई जा रही है, जब तीन युवक सेप्टिक टैंक में उतरे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टैंक के अंदर पहले से जहरीली गैस भरी हुई थी, जिससे उतरते ही उनकी हालत बिगड़ने लगी।
बताया जा रहा है कि जैसे ही पहला युवक टैंक में उतरा, वह गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए दूसरा युवक भी अंदर गया, लेकिन वह भी उसी जहरीली गैस का शिकार हो गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
तीसरा युवक भी उन्हें बचाने के लिए टैंक में उतरने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थिति बिगड़ती देख तुरंत पुलिस और SDRF को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कड़ी मेहनत के बाद तीसरे युवक को जिंदा बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के दौरान टीम को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, क्योंकि टैंक के अंदर जहरीली गैस का स्तर काफी ज्यादा था। इसके लिए विशेष उपकरणों और सुरक्षा किट का इस्तेमाल किया गया।
मृतकों के शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि क्या इस काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आ रहा है कि युवकों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं थे, जो इस हादसे की बड़ी वजह बन सकता है।
इस घटना के बाद इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सेप्टिक टैंक या सीवर की सफाई के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जाता, जिससे इस तरह के हादसे बार-बार सामने आते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और अगर किसी की लापरवाही सामने आती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि खतरनाक कामों में लगे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है।








