कर्नाटक में डीके शिवकुमार सरकार के कैबिनेट विस्तार के बाद से पार्टी के भीतर नाराजगी के सुर तेज हो गए हैं। कांग्रेस के कई नेताओं ने नेतृत्व को लेकर असंतोष जताया है और कुछ नेताओं के पदों से इस्तीफा देने की भी खबर है।
नई दिल्ली: कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में कैबिनेट विस्तार के बाद असंतोष की स्थिति सामने आई है। कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों को मंत्री पद नहीं मिलने से नाराजगी की खबरों के बीच सरकार एक बार फिर मंत्रिमंडल में मामूली फेरबदल की तैयारी कर सकती है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा की है।
कर्नाटक की राजनीति में कैबिनेट विस्तार के बाद एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात कर मंत्रिमंडल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि सरकार में शामिल किए गए नए मंत्रियों को विभागों का आवंटन करने के साथ-साथ नाराज विधायकों को साधने के लिए सीमित स्तर पर फेरबदल की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी लंबी बैठक की। इन बैठकों में कर्नाटक सरकार के मौजूदा राजनीतिक समीकरण और कैबिनेट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की बात सामने आई है।
महिला विधायक को मंत्रिमंडल में मिल सकती है जगह

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक मंत्रिमंडल में एक महिला सदस्य को शामिल करने पर भी विचार कर रहा है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने खुद संकेत दिया है कि मंत्रिमंडल में एक महिला को जगह दी जाएगी। खरगे से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने कहा कि सरकार को एक महिला सदस्य को मंत्रिमंडल में शामिल करना है और यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभागों के बंटवारे को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी नहीं है और जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि जिन विधायकों को हालिया कैबिनेट विस्तार में मंत्री पद नहीं मिला, उनमें से कुछ लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले असंतोष को नियंत्रित किया जाए।
19 नए मंत्री बनाए गए थे
कर्नाटक सरकार में इसी महीने की शुरुआत में बड़ा कैबिनेट विस्तार किया गया था। इस दौरान 19 नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री समेत राज्य सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 33 हो गई। हालांकि, नए मंत्रियों को अभी तक विभागों का औपचारिक आवंटन नहीं किया गया है। यही वजह है कि मंत्रिमंडल के भीतर जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा जारी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विभागों के बंटवारे के साथ कुछ मंत्रालयों में बदलाव किया जा सकता है।
नाराज नेताओं को मनाने में जुटी कांग्रेस
कैबिनेट विस्तार के बाद कांग्रेस के भीतर नाराजगी को देखते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने असंतुष्ट विधायकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के अलावा प्रदेश कांग्रेस से जुड़े वरिष्ठ नेताओं ने भी उन विधायकों से बातचीत की है, जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई। पार्टी की कोशिश है कि नाराज नेताओं को बातचीत के जरिए संतुष्ट किया जाए और सरकार के कामकाज पर इसका असर न पड़े। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि जरूरत पड़ने पर एक-दो मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है।










