कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं कोडागु जिले में बाढ़ से सड़कें, पुल और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
शिवमोग्गा: कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली कस्बे में रविवार तड़के हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी ढीली पड़ गई और अचानक भारी मात्रा में मिट्टी तथा मलबा नीचे आ गिरा, जिससे पहाड़ी के तल पर बना अस्थायी घर पूरी तरह दब गया।
अधिकारियों के अनुसार यह हादसा रविवार सुबह करीब 2:30 बजे हुआ, जब परिवार के सभी सदस्य घर के भीतर सो रहे थे। स्थानीय लोगों ने तेज आवाज सुनने के बाद तुरंत प्रशासन और बचाव दल को सूचना दी।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 35 वर्षीय मल्लिकार्जुन, उनकी 28 वर्षीय पत्नी नागवेणी और उनके तीन वर्षीय बेटे संतोष के रूप में हुई है। यह परिवार मूल रूप से कर्नाटक के कोप्पल जिले के गंगावती तालुक के कोक्करेगेरा गांव का रहने वाला था और रोज़गार के सिलसिले में तीर्थहल्ली में पहाड़ी के नीचे बने एक अस्थायी शेड में रह रहा था। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि परिवार को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला।
कई घंटे चला बचाव अभियान
सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय स्वयंसेवक घटनास्थल पर पहुंचे। लगातार बारिश और अस्थिर मिट्टी के कारण राहत एवं बचाव कार्य बेहद कठिन रहा। बचाव दल ने कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों शव बाहर निकाले। अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से और मलबा गिरने का खतरा बना हुआ था, जिससे बचावकर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
पड़ोसी शेड भी हुआ प्रभावित
भूस्खलन का असर पास में बने एक अन्य अस्थायी शेड पर भी पड़ा। इस हादसे में वहां रहने वाले कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत तीर्थहल्ली के जयचामराजेंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि प्रभावित परिवार और अन्य लोग उस स्थान पर किस परिस्थितियों में रह रहे थे।

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अलर्ट
इस हादसे के बाद प्रशासन ने पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी इलाके में भूस्खलन का खतरा महसूस हो तो लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी इलाकों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे अचानक भूस्खलन की घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
कोडागु में बाढ़ से बिगड़े हालात
शिवमोग्गा के साथ-साथ कर्नाटक का कोडागु जिला भी भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लगातार वर्षा के कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई सड़कें तथा पुल जलमग्न हो गए हैं। भागमंडला क्षेत्र में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण स्नान घाट, त्रिवेणी संगम और आसपास का पार्क पूरी तरह पानी में डूब गया। इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई।
सड़क संपर्क प्रभावित
भागमंडला-तलाकावेरी मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया, जिसके कारण वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। प्रशासन ने लोगों को वैकल्पिक फ्लाईओवर मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी है। लगातार बारिश के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी किनारों और भूस्खलन संभावित इलाकों में जाने से बचें। मौसम विभाग की ओर से आगामी दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके मद्देनज़र सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन दल, पुलिस और स्थानीय प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
मानसून के दौरान बढ़ता खतरा
दक्षिण भारत के पश्चिमी घाट और मलनाड क्षेत्र हर वर्ष मानसून के दौरान भारी वर्षा का सामना करते हैं। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, बाढ़ और सड़क धंसने जैसी घटनाएं आम हो जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण, जंगलों की कटाई और कमजोर ढलानों पर बस्तियां बसने से प्राकृतिक आपदाओं का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में समय रहते चेतावनी प्रणाली, सुरक्षित पुनर्वास और बेहतर आपदा प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।
फिलहाल कर्नाटक के प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील कर रहा है।











