लखनऊ विश्वविद्यालय में बनेगा AI सेंटर, शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

लखनऊ विश्वविद्यालय में AI सेंटर बनेगा। शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और जेनरेटिव AI की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।

लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दक्ष बनाने के लिए 'उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र' स्थापित करेगा। इस केंद्र के माध्यम से AI, मशीन लर्निंग और जेनरेटिव AI पर व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

लखनऊ: उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय कंप्यूटर विज्ञान विभाग के अंतर्गत 'उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र' की स्थापना करेगा। इस केंद्र का उद्देश्य विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को AI आधारित शिक्षण, अनुसंधान और प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रशिक्षित करना है।

उच्च शिक्षा में AI के इस्तेमाल को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ विश्वविद्यालय कंप्यूटर विज्ञान विभाग के तहत 'उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र' स्थापित करने जा रहा है। यह केंद्र विश्वविद्यालय के साथ-साथ संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराएगा और उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

केंद्र का उद्देश्य शिक्षण, शोध, नवाचार और शैक्षणिक प्रशासन में AI के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही समर्थ लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) पर AI आधारित ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी विकसित किए जाएंगे।

सभी विषयों के शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

यह पहल केवल तकनीकी विषयों तक सीमित नहीं होगी। विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन, कला, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, विधि, शिक्षा, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, पत्रकारिता, ललित कला और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से जुड़े शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विश्वविद्यालय का मानना है कि AI का उपयोग अब लगभग हर विषय में बढ़ रहा है। ऐसे में शिक्षकों को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करना समय की आवश्यकता है।

AI, मशीन लर्निंग और जेनरेटिव AI पर होगा फोकस

प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान शिक्षकों को मशीन लर्निंग, जेनरेटिव AI, AI इंजीनियरिंग, डिजिटल कंटेंट क्रिएशन और AI आधारित रिसर्च टूल्स का व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक AI टूल्स के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग पर भी विशेष जोर रहेगा।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षकों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक शैक्षणिक और शोध कार्यों में AI का उपयोग करने के लिए सक्षम बनाना है।

कई तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे आयोजित

नए AI सेंटर के माध्यम से शिक्षकों के लिए अलग-अलग अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें एक सप्ताह के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP), पांच दिवसीय शॉर्ट टर्म कोर्स, एक से दो दिन की व्यावहारिक कार्यशालाएं, AI बूट कैंप और मास्टर ट्रेनर व एडवांस सर्टिफिकेशन प्रोग्राम शामिल होंगे।

विश्वविद्यालय का मानना है कि इस पहल से शिक्षकों की डिजिटल दक्षता बढ़ेगी और उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को नई दिशा मिलेगी। साथ ही छात्र भी आधुनिक तकनीकों पर आधारित बेहतर शिक्षण और अनुसंधान का लाभ उठा सकेंगे।

Leave a comment