केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा मंजूर, मोदी सरकार में संभावित फेरबदल की चर्चाएं तेज

केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा मंजूर होने के बाद मोदी सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों और

केंद्रीय मंत्री George Kurian ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे।

नई दिल्ली: भारत की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और नए चेहरों को मौका दिए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं।

जॉर्ज कुरियन केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के साथ-साथ अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब देश में विभिन्न राज्यों के चुनावों और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं जारी हैं।

राष्ट्रपति ने स्वीकार किया इस्तीफा

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम मुख्य रूप से संसदीय सदस्यता समाप्त होने के बाद उठाया गया है। 

भारतीय संविधान के अनुसार किसी भी व्यक्ति को मंत्री बने रहने के लिए संसद के किसी एक सदन का सदस्य होना आवश्यक होता है या निर्धारित अवधि के भीतर सदस्यता प्राप्त करनी होती है।

राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद लिया फैसला

केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा मंजूर, मोदी सरकार में संभावित फेरबदल की चर्चाएं तेज

जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उनका कार्यकाल सितंबर 2024 में शुरू हुआ था। यह सीट केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा सदस्य बनने के बाद रिक्त हुई थी। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया। इसके परिणामस्वरूप उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया और वे संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं रहे। संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देना उचित समझा।

क्या मोदी मंत्रिमंडल में होगा फेरबदल?

जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि केंद्र सरकार आने वाले समय में मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक किसी व्यापक फेरबदल की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों और क्षेत्रीय राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए सरकार कुछ नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में शामिल कर सकती है। भारतीय राजनीति में अक्सर ऐसे अवसरों पर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन और चुनावी रणनीति को प्राथमिकता दी जाती है।

केरल की राजनीति में महत्वपूर्ण चेहरा

जॉर्ज कुरियन को केंद्र सरकार में शामिल किए जाने को उस समय एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखा गया था। केरल से आने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता के रूप में उनकी नियुक्ति ने विशेष ध्यान आकर्षित किया था। केरल में ईसाई समुदाय की उल्लेखनीय आबादी है और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने राज्य में अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए जॉर्ज कुरियन को प्रमुख जिम्मेदारी दी थी। पार्टी पिछले कुछ वर्षों से दक्षिण भारत, विशेष रूप से केरल में अपना जनाधार बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, ईसाई समुदाय के बीच संवाद बढ़ाने और अल्पसंख्यक वर्गों तक पहुंच बनाने में कुरियन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती रही है।

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