केरल के पलक्कड़ जिले में नेल्लियाम्पथी से नेन्मारा जा रही KSRTC बस सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई। हादसे में कई यात्री घायल हुए, जबकि तीन की हालत गंभीर बताई गई। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पलक्कड़: केरल के पलक्कड़ जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा उस समय हुआ जब केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की एक यात्री बस सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना में कई यात्री घायल हो गए, जबकि कम से कम तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, बस खाई में गिरने के बाद पेड़ों के बीच फंस गई, जिससे वह और नीचे नहीं गिरी और संभावित रूप से एक बड़ी जनहानि टल गई।
यह हादसा राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में हुआ, जहां घुमावदार सड़कें और ढलानें अक्सर परिवहन के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती हैं। दुर्घटना के बाद राहत एवं बचाव दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर अभियान शुरू किया और सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
सुबह करीब 9:30 बजे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना सोमवार सुबह लगभग 9:30 बजे पलक्कड़ जिले के पोथुंडी क्षेत्र के पास हुई। बस नेल्लियाम्पथी से नेन्मारा की ओर जा रही थी, तभी चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और बस सड़क छोड़कर खाई में जा गिरी। हादसे के समय बस में कई यात्री सवार थे। दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पेड़ों में फंसने से बचीं कई जानें
प्रत्यक्षदर्शियों और बचाव अधिकारियों के अनुसार, बस खाई में गिरने के बाद पेड़ों के बीच अटक गई। यदि बस और नीचे चली जाती, तो दुर्घटना कहीं अधिक भयावह हो सकती थी। राहतकर्मियों का कहना है कि पेड़ों ने बस की गति को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे कई यात्रियों की जान बच गई। हालांकि बस के अंदर बैठे कई लोग झटके और टक्कर के कारण घायल हो गए।
कई यात्री घायल, तीन की हालत गंभीर
दुर्घटना में कई यात्रियों को चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार, कम से कम तीन यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घायलों में एक महिला की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई गई। बचाव दल ने जब उन्हें बाहर निकाला, तब वह बेहोश थीं और उनकी हालत अत्यंत गंभीर थी। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। अन्य घायलों को भी अलग-अलग स्तर की चोटें आई हैं, जिनका उपचार जारी है।
फायर एंड रेस्क्यू टीम ने चलाया बचाव अभियान
दुर्घटना की सूचना मिलते ही फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, स्थानीय पुलिस और आपातकालीन चिकित्सा दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पहाड़ी इलाके और खाई की वजह से बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन राहतकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद एम्बुलेंस के जरिए घायलों को नजदीकी अस्पताल भेजा गया। बचाव दल ने बस के भीतर फंसे यात्रियों को निकालने के लिए विशेष उपकरणों का भी उपयोग किया।
घायलों को नेल्लियाम्पथी अस्पताल में कराया गया भर्ती
सभी घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के लिए नेल्लियाम्पथी अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजे जाने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी मरीजों की चिकित्सकीय जांच की जा रही है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू
पुलिस ने घटना के बाद दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि हादसा चालक की गलती, सड़क की स्थिति, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुआ। बस की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वाहन में कोई यांत्रिक खराबी तो नहीं थी। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पहाड़ी मार्गों पर सड़क सुरक्षा फिर चर्चा में
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। नेल्लियाम्पथी और आसपास के इलाकों की सड़कें घुमावदार और ढलान वाली हैं, जहां वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मार्गों पर नियमित वाहन निरीक्षण, सुरक्षित ड्राइविंग प्रशिक्षण और सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
आपातकालीन सेवाओं की त्वरित प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई के कारण घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया और यात्रियों को सुरक्षित निकालने में मदद की। अधिकारियों ने कहा कि समय पर बचाव अभियान शुरू होने से स्थिति को नियंत्रित करने में काफी सहायता मिली।











