लुधियाना में PRTC और PUNBUS के संविदा कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू होने से सरकारी बस सेवाएं प्रभावित हो गईं। यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा, जबकि कई महिलाओं को मुफ्त यात्रा के बजाय निजी बसों से सफर करना पड़ा।
लुधियाना: PRTC और PUNBUS के संविदा कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल सोमवार से शुरू हो गई, जिससे लुधियाना में सरकारी बस सेवाएं प्रभावित रहीं। बसों की कमी के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। महिलाओं सहित कई यात्रियों को निजी बसों से सफर करना पड़ा, जिससे यात्रा का खर्च भी बढ़ गया।
लुधियाना में PRTC-PUNBUS हड़ताल से बस सेवाएं प्रभावित
लुधियाना में सोमवार से पंजाब रोडवेज, पंजाब रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (PRTC) और पंजाब बस सेवा (PUNBUS) के संविदा कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई। यह हड़ताल 3 अगस्त से 5 अगस्त तक जारी रहेगी। हड़ताल के पहले ही दिन सरकारी बसों का संचालन प्रभावित होने से बस स्टैंड पर यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

सुबह से ही विभिन्न रूटों पर जाने वाले लोग सरकारी बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं होने के कारण कई यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई। सबसे ज्यादा परेशानी रोजाना नौकरी, कॉलेज, स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए सरकारी बसों पर निर्भर रहने वाले लोगों को हुई।
महिलाओं और दैनिक यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत
सरकारी बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को लंबे समय तक बस स्टैंड पर इंतजार करना पड़ा। गर्म मौसम और भीड़ के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। समय पर बस नहीं मिलने पर कई यात्रियों ने मजबूरी में निजी बसों का सहारा लिया, जिससे उनका यात्रा खर्च बढ़ गया।
हड़ताल का असर महिलाओं पर भी साफ दिखाई दिया। पंजाब सरकार की सरकारी बसों में महिलाओं को मिलने वाली मुफ्त यात्रा सुविधा इस दौरान उपलब्ध नहीं रही। इसके चलते कई महिलाओं को निजी बसों में किराया देकर सफर करना पड़ा। कुछ मार्गों पर निजी बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने से भीड़ भी देखने को मिली और कई लोगों को अगली बस का इंतजार करना पड़ा।
संविदा कर्मचारियों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
हड़ताल के दौरान PRTC और PUNBUS के संविदा कर्मचारी बस स्टैंड पर एकत्र हुए और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से वे नियमितीकरण, वेतन और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर सरकार से आग्रह कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। दूसरी ओर, परिवहन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक सेवाओं को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हड़ताल के चलते अगले दो दिनों तक भी सरकारी बस सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा पर निकलने से पहले बसों की उपलब्धता की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें और आवश्यकता होने पर वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था रखें।












