कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गोवा में अमित शाह और भाजपा पर निशाना साधते हुए देशभक्ति और उत्तराखंड में कथित शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया। इसी बीच वंदे मातरम विवाद में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली-कर्नाटक में शिकायतें सामने आईं।
पणजी: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गोवा में एक जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार विधायक बने थे, तब अमित शाह बच्चे थे और आज उन्हें देशभक्ति का पाठ पढ़ाया जा रहा है। खड़गे ने उत्तराखंड में उनके भाषण के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भाजपा पर धर्म विरोधी होने का आरोप भी लगाया। इसी बीच कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम गान को लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली तथा कर्नाटक में शिकायतों का मामला भी सामने आया है।
खड़गे बोले- जब मैं विधायक बना, तब अमित शाह बच्चे थे
दक्षिण गोवा में कांग्रेस की एक जनसभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार विधायक के रूप में राजनीतिक जीवन शुरू किया था, उस समय अमित शाह काफी छोटे थे। उन्होंने कहा कि आज वही लोग कांग्रेस और गांधी परिवार को देशभक्ति का प्रमाणपत्र देने की कोशिश करते हैं।
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस ने देश के लिए लंबे समय तक काम किया है और पार्टी के नेताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने भाजपा नेताओं से कांग्रेस को देशभक्ति सिखाने के बजाय अपने राजनीतिक काम पर ध्यान देने की बात कही।
खड़गे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भाजपा और कांग्रेस के बीच राष्ट्रवाद, देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज है।
उत्तराखंड में ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भाजपा पर निशाना
खड़गे ने उत्तराखंड में उनके भाषण के बाद कथित तौर पर मंच के शुद्धिकरण किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और उनके जाने के दो दिन बाद मंच का शुद्धिकरण किए जाने की बात सामने आई।
खड़गे ने इस घटना को लेकर भाजपा पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि ऐसी सोच धर्म के नाम पर भेदभाव को बढ़ावा देती है। उन्होंने भाजपा को धर्म विरोधी तक करार दिया।
हालांकि, इस आरोप को लेकर राजनीतिक विवाद बना हुआ है और भाजपा की ओर से इस पर अलग प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। किसी सार्वजनिक स्थान के कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने एक बार फिर धार्मिक प्रतीकों और राजनीतिक भाषणों के इस्तेमाल पर बहस छेड़ दी है।
‘गद्दारों को वोट मत दीजिए’
गोवा की राजनीति का जिक्र करते हुए खड़गे ने मतदाताओं से कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं के खिलाफ मतदान करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के 12 मंत्रियों में से 10 ऐसे नेता हैं, जो पहले कांग्रेस में थे और बाद में भाजपा में चले गए।
खड़गे ने ऐसे नेताओं को निशाना बनाते हुए लोगों से कहा कि उन्हें वोट नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने अपने भाषण में ‘गद्दार’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए मतदाताओं से पार्टी बदलने वाले नेताओं को समर्थन नहीं देने की अपील की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने गोवा में बदलती राजनीतिक निष्ठाओं को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं को कांग्रेस ने राजनीतिक पहचान दी, वे बाद में पार्टी छोड़कर भाजपा में चले गए।
गोवा की जमीन और पर्यटन पर भी बोले खड़गे
खड़गे ने गोवा में जमीन की बढ़ती कीमतों और बाहरी लोगों द्वारा संपत्तियां खरीदे जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों से आने वाले अमीर लोग गोवा में जमीन खरीद रहे हैं और सवाल किया कि क्या ये खरीदारी स्थानीय लोगों के हित में हो रही है।
उन्होंने राज्य में जमीन की खरीद और निर्माण गतिविधियों को लेकर चिंता जताई। खड़गे ने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों को स्थानीय संसाधनों और जमीन का मनमाना इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि गोवा में ऐसे पर्यटकों का स्वागत किया जाना चाहिए जो राज्य की संस्कृति, परंपराओं और पर्यावरण का सम्मान करते हों। उनके अनुसार पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके विकास के साथ स्थानीय पहचान और संस्कृति की रक्षा भी जरूरी है।

वंदे मातरम को लेकर भाजपा-कांग्रेस में विवाद
खड़गे के बयान के बीच कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम के गायन को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं।
अमित शाह ने 16 अगस्त को आरोप लगाया था कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम का गायन चल रहा था और बीच में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने कथित तौर पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से गान रोकने के लिए कहा।
इस आरोप के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत के प्रति कथित अनादर का आरोप लगाया। कांग्रेस की ओर से इस मामले में अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। विवाद अब पुलिस शिकायतों तक पहुंच चुका है।
दिल्ली पुलिस ने शिकायत की जांच शुरू की
वंदे मातरम से जुड़े विवाद में दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 16 अगस्त को एक वकील ने दिल्ली के आईपी एस्टेट थाने में शिकायत देकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि वंदे मातरम के शुरुआती हिस्से के बाद सोनिया गांधी ने कुछ इशारे किए, जिन्हें शिकायतकर्ता ने गान जारी रखने पर आपत्ति के तौर पर देखा।
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध सामग्री की जांच कर रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है या नहीं। पुलिस जांच के दौरान उपलब्ध वीडियो और अन्य तथ्यों को भी देखा जा सकता है।
कार्यक्रम की तस्वीरों को लेकर भी विवाद
विवाद के बीच 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो चर्चा में आए हैं। इनमें वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी को पीछे की ओर मुड़कर इशारा करते हुए देखा गया। राहुल गांधी भी उनके साथ मौजूद थे।
बताया गया कि इसी दौरान एक स्टाफ सदस्य कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पास पहुंचा। खड़गे से बातचीत के बाद स्टाफ सदस्य ने सोनिया गांधी से भी बात की।
भाजपा इन तस्वीरों और वीडियो को अपने आरोपों के समर्थन में इस्तेमाल कर रही है, जबकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक मंशा और संदर्भ को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग दावे हैं। ऐसे मामलों में वीडियो के पूरे संदर्भ और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
कर्नाटक में भी सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत
वंदे मातरम विवाद का असर कर्नाटक तक भी पहुंच गया है। भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी के खिलाफ बेंगलुरु और मंगलुरु में पुलिस शिकायतें दर्ज कराई हैं।
बेंगलुरु में भाजपा युवा मोर्चा की ओर से मल्लेश्वरम थाने में शिकायत दी गई, जबकि मंगलुरु में भाजपा नेताओं ने उर्वा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतों में वंदे मातरम के कथित अपमान का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन शिकायतों पर पुलिस ने अभी FIR दर्ज नहीं की है। आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और शिकायतों में लगाए गए आरोपों के सत्यापन पर निर्भर करेगी।
देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों पर बढ़ी राजनीतिक बहस
खड़गे और अमित शाह के बयानों के बाद देशभक्ति, वंदे मातरम और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। कांग्रेस जहां भाजपा पर राजनीतिक मुद्दों को राष्ट्रवाद से जोड़ने का आरोप लगाती रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस से राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति स्पष्ट सम्मान की अपेक्षा करती है।
इस पूरे विवाद में दो अलग-अलग राजनीतिक मुद्दे एक-दूसरे से जुड़ गए हैं। एक तरफ खड़गे का अमित शाह और भाजपा पर हमला है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम को लेकर भाजपा की शिकायतें और आरोप हैं।
अब दिल्ली और कर्नाटक में हुई शिकायतों पर पुलिस की जांच और दोनों दलों की आगामी राजनीतिक प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी। वहीं गोवा में खड़गे के बयान ने राज्य की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबले को और आक्रामक बना दिया है।










