नोएडा प्राधिकरण नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे 45 किलोमीटर लंबी ग्रीन बेल्ट में 20 हजार बांस के पौधे लगाएगा। योजना का उद्देश्य हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण घटाने, भूजल बचाने और सड़क सुरक्षा को बेहतर करना है।
नोएडा: नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बड़े पैमाने पर बांस लगाने की योजना बनाई है। करीब 45 किलोमीटर क्षेत्र में 20 हजार पौधे लगाए जाएंगे। प्राधिकरण के अनुसार यह पहल हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ वायु और ध्वनि प्रदूषण कम करने, भूजल संरक्षण और एक्सप्रेसवे पर वन्यजीवों की आवाजाही को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।
45 किलोमीटर की ग्रीन बेल्ट में लगाए जाएंगे बांस
नोएडा प्राधिकरण एक्सप्रेसवे के दोनों ओर हरियाली बढ़ाने के लिए बांस के पौधे लगाने जा रहा है। योजना के तहत करीब 22.5 किलोमीटर की दोनों पट्टियों में एक्सप्रेसवे और नाले के बीच मौजूद लगभग दो मीटर चौड़ी जगह का इस्तेमाल किया जाएगा।

इस क्षेत्र में करीब 20 हजार बांस के पौधे लगाए जाने की योजना है। पौधों के बीच लगभग तीन मीटर की दूरी रखी जाएगी। प्राधिकरण का अनुमान है कि करीब दो वर्षों में पौधे तेजी से बढ़कर घने हरित क्षेत्र का रूप ले सकते हैं।
प्राधिकरण के उद्यान विभाग के अनुसार, शुरुआती दो वर्षों में पौधों के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। इसके बाद बांस के विकसित होने पर नियमित रखरखाव की जरूरत अपेक्षाकृत कम हो सकती है।
प्रदूषण और भूजल संरक्षण पर रहेगा फोकस
इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य एक्सप्रेसवे के आसपास हरियाली बढ़ाना है। प्राधिकरण का मानना है कि घने पौधों की पट्टी वायु गुणवत्ता सुधारने और सड़क से निकलने वाले वाहनों के प्रदूषण को नियंत्रित करने में योगदान दे सकती है।
बांस को कम पानी में तेजी से बढ़ने वाला पौधा माना जाता है। इसी वजह से प्राधिकरण इसे ऐसे क्षेत्र में लगाने की योजना बना रहा है जहां सीमित चौड़ाई में अधिक हरियाली विकसित की जा सके।
हरित पट्टी विकसित होने से मिट्टी और आसपास के पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। हालांकि भूजल संरक्षण और प्रदूषण में वास्तविक सुधार पौधों की संख्या के साथ-साथ स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों और देखभाल पर निर्भर करेगा।
सड़क सुरक्षा और वन्यजीवों की आवाजाही में भी मदद की उम्मीद
एक्सप्रेसवे के किनारे घनी हरित पट्टी तैयार होने से जानवरों के सीधे सड़क पर आने की संभावना कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे तेज रफ्तार वाहनों और वन्यजीवों के बीच टकराव का जोखिम घट सकता है।
इसके अलावा बांस की घनी पट्टी वाहनों से निकलने वाले शोर को कुछ हद तक कम करने में सहायक हो सकती है। सड़क के किनारे हरियाली बढ़ने से एक्सप्रेसवे के आसपास का वातावरण भी बेहतर होने की संभावना है।
गोल्फ कोर्स में पहले किया गया था प्रयोग
नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग ने इससे पहले सेक्टर-38 के गोल्फ कोर्स की सीमा के आसपास बांस के पौधे लगाए थे। विभाग के अनुसार वहां पौधे बढ़कर घने हरित क्षेत्र का रूप ले चुके हैं और इससे सीमा तथा नाले के आसपास का हिस्सा सुरक्षित रखने में मदद मिली है।
इसी प्रयोग के आधार पर एक्सप्रेसवे के किनारे बड़े स्तर पर बांस लगाने की योजना तैयार की गई है। प्राधिकरण भविष्य में विकसित बांस से आर्थिक आय की संभावना भी देख रहा है, क्योंकि इसकी फसल का विभिन्न उपयोगों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि बांस से ऑक्सीजन उत्पादन और कार्बन अवशोषण से जुड़े आंकड़ों को स्थानीय परिस्थितियों, प्रजाति और वास्तविक वृद्धि दर के संदर्भ में देखना जरूरी होगा। योजना का वास्तविक पर्यावरणीय प्रभाव पौधों के सफल विकास और लंबे समय तक रखरखाव के बाद ही स्पष्ट होगा।













