Sacred Games की कुकू हो या The Trial की सना शेख, एक्ट्रेस Kubbra Sait को जब भी दमदार किरदार मिले, उन्होंने उन्हें पूरी शिद्दत से निभाया। इन स्ट्रॉन्ग और कॉम्प्लेक्स महिला किरदारों में उन्होंने बिंदास अंदाज़ और संवेदनशीलता का ऐसा मिश्रण भरा कि वे दर्शकों के लिए यादगार बन गए।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय अभिनेत्री Kubbra Sait ने अपने करियर, संघर्ष और नई वेब सीरीज़ Sankalp को लेकर एक खास बातचीत में कई दिलचस्प बातें साझा कीं। Sacred Games में कुकू और The Trial में सना शेख जैसे दमदार किरदार निभाकर पहचान बनाने वाली कुब्रा का कहना है कि वह हमेशा से ऐसे रोल चुनना चाहती थीं जिनमें गहराई हो और जो उन्हें एक कलाकार के रूप में चुनौती दें।
उन्होंने कहा कि वह खुद को हमेशा “मेन करैक्टर” मानती हैं और कभी भी इंडस्ट्री में कोने में बैठने के लिए नहीं आईं। उनके मुताबिक, आत्मविश्वास और जोखिम लेने की हिम्मत ही उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत रही है।
मजबूत किरदारों से खास जुड़ाव
कुब्रा सैत ने बताया कि उन्हें अपने करियर में कई ऐसे किरदार निभाने का मौका मिला, जिनमें भावनात्मक जटिलता और मजबूती दोनों थीं। उनका मानना है कि मजबूत किरदार सिर्फ ताकत दिखाने से नहीं बनते, बल्कि कमजोरी और असुरक्षा को स्वीकार करने से भी बनते हैं। उन्होंने कहा कि हर किरदार में उन्हें खुद का एक हिस्सा दिखाई देता है।
उनके अनुसार, इंसान के भीतर कई तरह के रंग होते हैं कभी वह मजबूत होता है, कभी असुरक्षित, कभी बेपरवाह और यही चीज उन्हें अपने किरदारों से जुड़ने में मदद करती है। कुब्रा ने कहा कि दर्शकों का इन किरदारों से जुड़ना उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है, क्योंकि इससे उन्हें लगता है कि उनका काम सही दिशा में जा रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़कर चुना एक्टिंग का रास्ता
कुब्रा ने अपने शुरुआती संघर्ष को याद करते हुए बताया कि उनका परिवार फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा नहीं था, इसलिए उन्हें खुद ही अपना रास्ता बनाना पड़ा। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने एक्टिंग के लिए Microsoft की नौकरी तक छोड़ दी थी। उनका कहना है कि जब वह मुंबई आईं तो उनके पास असफल होने का विकल्प ही नहीं था। उन्हें खुद को साबित करना था और अपने दम पर नाम बनाना था।
उन्होंने कहा कि डर हर किसी को लगता है, लेकिन सफलता उसी को मिलती है जो डर के बावजूद आगे बढ़ता है। उनके शब्दों में, “अगर अंदर कुछ हासिल करने की आग हो तो आपको तय करना पड़ता है कि डर के पीछे छिपना है या आग में कूदना है।
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सलमान खान के साथ पहली फिल्म, लेकिन नहीं हुआ डर
कुब्रा सैत ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत Salman Khan की फिल्म Ready से की थी। उन्होंने बताया कि इतने बड़े स्टार के साथ काम करते समय उन्हें कभी डर नहीं लगा। उन्होंने कहा कि वह सेट पर हमेशा सबके साथ खुलकर बात करती थीं और सीखने की कोशिश करती थीं। उनका मानना है कि नया होने का मतलब यह नहीं कि आप चुपचाप कोने में बैठ जाएं।
कुब्रा के मुताबिक, “मैं कोनों के लिए बनी ही नहीं हूं, मैं सेंटर में रहने के लिए बनी हूं। इस इंडस्ट्री में सबसे जरूरी है कि आप खुद पर विश्वास रखें, क्योंकि अगर आप खुद पर भरोसा नहीं करेंगे तो कोई और भी आप पर भरोसा नहीं करेगा।”
‘Sacred Games’ का कुकू किरदार क्यों किया
कुब्रा सैत ने अपने सबसे चर्चित किरदारों में से एक, Sacred Games के कुकू के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि जब निर्देशक Anurag Kashyap ने उन्हें यह रोल ऑफर किया, तो उन्होंने बिना झिझक हां कर दी। उनके अनुसार, उस समय उनके पास बहुत काम नहीं था, इसलिए किसी अच्छे प्रोजेक्ट को मना करना बेवकूफी होती। उन्होंने कहा कि कलाकार के तौर पर हर अनुभव जरूरी होता है, चाहे रोल छोटा हो या बड़ा।
कुब्रा का मानना है कि अगर आप जिंदगी में अनुभव चाहते हैं तो आपको “हां” कहना सीखना होगा, क्योंकि “ना” कहकर आप अपने जीवन से एक अनुभव कम कर देते हैं।
लीड रोल कम मिले, लेकिन पछतावा नहीं
करीब 15 साल के करियर में कुब्रा सैत को बहुत कम बार मुख्य भूमिका मिली है, लेकिन उन्हें इसका अफसोस नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर वह इस बात में उलझ जाएंगी तो आगे बढ़ना मुश्किल हो जाएगा। उनका कहना है कि वह अपने काम का आनंद लेती हैं और लगातार कुछ नया करने की कोशिश करती रहती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड के दौरान उन्हें लगा था कि शायद अब करियर खत्म हो जाएगा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
कुब्रा ने जिंदगी की तुलना वीडियो गेम से करते हुए कहा कि जैसे गेम में एक लेवल हारने पर खिलाड़ी खेल छोड़ता नहीं, वैसे ही जिंदगी में भी हार मानना नहीं चाहिए।









