कुछ पल की देरी और खत्म हो जाती जिंदगी, बाल-बाल बचे मोजतबा खामेनेई

तेहरान में मिसाइल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की रिपोर्ट। बेटे मोजतबा खामेनेई बाल-बाल बचे। लीक ऑडियो में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी।

तेहरान में हुए मिसाइल हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार उनके बेटे मोजतबा खामेनेई हमले से कुछ सेकेंड पहले बाहर निकलने से बाल-बाल बच गए।

World News: ईरान में हाल ही में हुए एक बड़े मिसाइल हमले को लेकर चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई एक अमेरिकी-इजरायली हमले में बाल-बाल बच गए, जबकि उसी हमले में उनके पिता और लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने वाले अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। 

बताया जा रहा है कि हमले से कुछ ही सेकेंड पहले मोजतबा खामेनेई उस इमारत से बाहर निकल गए थे, जिस पर मिसाइलें दागी गई थीं। अगर वह कुछ पल और अंदर रहते तो संभव है कि वह भी इस हमले का शिकार हो जाते। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब एक लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर कई नई जानकारियां सामने आई हैं, जिसने इस हमले को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत किया गया था हमला

रिपोर्ट के अनुसार यह हमला 28 फरवरी को एक सैन्य अभियान के तहत किया गया था जिसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) नाम दिया गया था। इस अभियान के दौरान तेहरान में स्थित उस परिसर को निशाना बनाया गया जहां अयातुल्ला अली खामेनेई का आधिकारिक निवास और कार्यालय था।

बताया जा रहा है कि इस हमले में कई मिसाइलें दागी गईं और परिसर के अलग-अलग हिस्सों को निशाना बनाया गया। हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि इमारत के कई हिस्से पूरी तरह तबाह हो गए। इस हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी और उनके करीबी रिश्तेदार भी मारे गए।

लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग से सामने आई जानकारी

इस हमले को लेकर सामने आई नई जानकारी एक लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग पर आधारित है। ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार यह रिकॉर्डिंग 12 मार्च को हुई एक गुप्त बैठक की है। इस बैठक में वरिष्ठ ईरानी धर्मगुरु और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के कमांडर मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि इस बैठक में दिवंगत नेता के कार्यालय के प्रोटोकॉल प्रमुख मजाहिर हुसैनी ने हमले से जुड़ी कई अहम बातें साझा कीं। इसी दौरान उन्होंने बताया कि हमले से ठीक पहले मोजतबा खामेनेई अपने पिता के साथ उसी इमारत के अंदर मौजूद थे। हालांकि कुछ ही समय बाद वह किसी काम से बाहर आंगन की ओर चले गए और इसी वजह से उनकी जान बच गई।

इमारत से निकलने के कुछ ही सेकेंड बाद हुआ हमला

ऑडियो रिकॉर्डिंग में मजाहिर हुसैनी के हवाले से बताया गया कि मोजतबा खामेनेई किसी काम के सिलसिले में इमारत के आंगन में गए थे। जब वह वापस अंदर लौटने की तैयारी कर रहे थे तभी अचानक मिसाइल हमला हो गया। बताया गया कि जैसे ही वह इमारत से बाहर निकले और ऊपर की मंजिल की ओर बढ़ रहे थे उसी समय परिसर पर मिसाइलें गिरने लगीं।

अगर वह उस समय इमारत के अंदर होते तो संभव है कि वह भी इस हमले में मारे जाते। इस घटना को कई लोग महज एक संयोग मान रहे हैं जबकि कुछ इसे किस्मत का खेल बता रहे हैं।

तीन बैलिस्टिक मिसाइलों से किया गया हमला

रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में इजरायल की ब्लू स्पैरो (Blue Sparrow) बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था। बताया जा रहा है कि कम से कम तीन मिसाइलों से इस परिसर को निशाना बनाया गया।

पहली मिसाइल उस हिस्से पर गिरी जहां अयातुल्ला अली खामेनेई मौजूद थे। दूसरी मिसाइल इमारत की ऊपरी मंजिल पर गिरी जहां मोजतबा खामेनेई का आवास था। तीसरी मिसाइल उनके बहनोई मिस्बाह अल-हुदा बाघेरी कानी के घर पर गिरी।

हमले में कई वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए

इस हमले का असर बेहद विनाशकारी बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारी भी मारे गए। ऑडियो रिकॉर्डिंग में यह भी दावा किया गया कि ईरानी सेना प्रमुख मोहम्मद शिराजी भी इस हमले में मारे गए। बताया गया कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उनका शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।

मजाहिर हुसैनी ने कथित तौर पर बैठक में बताया कि धमाके के बाद उनके शरीर के अवशेष भी मुश्किल से मिल पाए। इस घटना ने ईरान की सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था को गहरा झटका दिया है।

मोजतबा खामेनेई को आई मामूली चोट

रिपोर्ट के अनुसार मोजतबा खामेनेई इस हमले में पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहे। उन्हें पैर में मामूली चोट आई थी। हालांकि उनकी हालत गंभीर नहीं बताई गई और वह खतरे से बाहर हैं।

लेकिन इस हमले में उनकी पत्नी हद्दाद की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना उनके परिवार के लिए भी बेहद दुखद साबित हुई। बताया गया कि खामेनेई के दूसरे बेटे मुस्तफा खामेनेई और उनकी पत्नी भी इस हमले के समय परिसर में मौजूद थे लेकिन वे भी बाल-बाल बच गए।

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