मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना में पिछले तीन वर्षों से नए पंजीयन बंद हैं। इंदौर में अब तक 19,654 महिलाएं लाभार्थी सूची से बाहर हो चुकी हैं, जिनमें अधिकांश के नाम 60 वर्ष की आयु पूरी होने के कारण हटाए गए हैं।
इंदौर: Ladli Bahna Yojana में नए पंजीयन तीन साल से बंद होने के बीच लाभार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। इंदौर जिले में अब तक 19 हजार से अधिक महिलाओं के नाम योजना से हटाए जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें सबसे बड़ी वजह 60 वर्ष की आयु सीमा पूरी होना है।
तीन साल से नए आवेदन नहीं हुए शुरू
![]()
मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में पिछले तीन वर्षों से नए पंजीयन शुरू नहीं किए गए हैं। इससे योजना का लाभ लेने की पात्र नई महिलाओं को आवेदन करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर, पात्रता की शर्तें पूरी न करने वाली महिलाओं के नाम लगातार सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे लाभार्थियों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है।
इंदौर में घटी लाभार्थियों की संख्या
योजना की शुरुआत के समय इंदौर जिले से 4,57,742 महिलाओं ने आवेदन किया था। वर्तमान में यह संख्या घटकर 4,38,088 रह गई है। यानी अब तक 19,654 महिलाएं योजना की लाभार्थी सूची से बाहर हो चुकी हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा के अनुसार, योजना के निर्धारित नियमों के तहत केवल पात्र महिलाओं को ही लाभ दिया जा रहा है। जो महिलाएं तय पात्रता शर्तों को पूरा नहीं कर रही हैं, उनके नाम नियमानुसार सूची से हटाए जा रहे हैं।
60 वर्ष की आयु पूरी होना सबसे बड़ी वजह
योजना से नाम हटने का सबसे प्रमुख कारण 60 वर्ष की आयु सीमा पूरी होना है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साढ़े तीन वर्षों में केवल इंदौर जिले में 14,151 महिलाओं के नाम इसी वजह से हटाए गए हैं।
इसके अलावा जिन लाभार्थियों की पात्रता में बदलाव हुआ है या जो योजना के अन्य निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं कर रही हैं, उनके नाम भी समय-समय पर सूची से हटाए गए हैं।
नई पात्र महिलाएं कर रही हैं पंजीयन शुरू होने का इंतजार
नए पंजीयन बंद होने के कारण बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं योजना से जुड़ने का इंतजार कर रही हैं। हालांकि राज्य सरकार की ओर से फिलहाल नए आवेदन शुरू करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
योजना से जुड़ी आगे की किसी भी नई जानकारी या पंजीयन प्रक्रिया शुरू होने की सूचना सरकार द्वारा आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएगी। ऐसे में पात्र महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे केवल सरकारी घोषणाओं और आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करें।








