Stock Market Today: LIC और SBI के शेयरों पर रहेगी नजर, कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच दबाव में खुल सकता है शेयर बाजार

आज भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच दबाव में खुल सकता है। GIFT Nifty में गिरावट, एशियाई बाजारों में कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच

कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के बीच सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव में रहने की आशंका है।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत कमजोर रहने की संभावना है। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और निवेशकों की सतर्कता के कारण शुरुआती कारोबार में दबाव देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक आज प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर करीबी नजर बनाए रखेंगे।

प्री-ओपन संकेतों के अनुसार, गिफ्ट निफ्टी में कमजोरी दर्ज की गई है, जो घरेलू बाजारों में नरम शुरुआत का संकेत देता है। इसके अलावा, एशियाई बाजारों में भी अधिकांश प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जबकि अमेरिकी फ्यूचर्स में भी दबाव देखा गया है। ऐसे माहौल में भारतीय इक्विटी बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी चिंता

वैश्विक ऊर्जा बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर लगभग 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए चिंता का विषय मानी जाती हैं, क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, डॉलर इंडेक्स में हल्की कमजोरी देखने को मिली है, जिससे उभरते बाजारों को कुछ राहत मिल सकती है।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच जारी परमाणु एवं आर्थिक वार्ताओं पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि बातचीत में प्रगति हो रही है। यदि दोनों देशों के बीच किसी समझौते की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हो सकती हैं और ऊर्जा बाजार में स्थिरता देखने को मिल सकती है।

निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण स्तर

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी 50 पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, लेकिन इसकी समग्र संरचना अभी भी मजबूत मानी जा रही है। इंडेक्स अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, जो बाजार में सकारात्मक रुझान को दर्शाता है। निफ्टी 50 के लिए 24,667, 24,684 और 24,712 के स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध क्षेत्र माने जा रहे हैं। वहीं, 24,611, 24,594 और 24,566 के स्तर निकटतम सपोर्ट के रूप में देखे जा रहे हैं।

दूसरी ओर, बैंक निफ्टी के लिए 58,090, 58,176 और 58,314 के स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस हो सकते हैं। यदि बाजार में दबाव बढ़ता है, तो 57,813, 57,728 और 57,590 के स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट प्रदान कर सकते हैं।

LIC और अन्य शेयरों में रह सकता है एक्शन

कॉरपोरेट अपडेट और तिमाही नतीजों के चलते कई प्रमुख शेयर निवेशकों के फोकस में रहेंगे। विशेष रूप से लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) ने हाल ही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है, जिसके बाद इसके शेयरों में गतिविधि बढ़ सकती है। इसके अलावा ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज़, सीमेंस एनर्जी इंडिया, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, अपोलो टायर्स, एल्केम लैबोरेटरीज़, डाबर इंडिया, न्यूलैंड लैबोरेटरीज़, ओरिएंट इलेक्ट्रिक और शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज़ जैसे शेयर भी निवेशकों के रडार पर रहेंगे।

SBI समेत कई दिग्गज कंपनियां जारी करेंगी नतीजे

आज का कारोबारी सत्र तिमाही परिणामों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) सहित कई प्रमुख कंपनियां अपने पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करेंगी। निवेशकों की नजर टाइटन कंपनी, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, BEML, सेरा सैनिटरीवेयर, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, आइनॉक्स विंड, जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज़, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, लेमन ट्री होटल्स, ऑयल इंडिया, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और हिताची एनर्जी इंडिया के वित्तीय प्रदर्शन पर भी रहेगी।

विश्लेषकों का मानना है कि आज भारतीय शेयर बाजार की दिशा मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों से तय होगी। यदि प्रमुख कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो बाजार में खरीदारी का माहौल बन सकता है। वहीं, वैश्विक बाजारों में कमजोरी और ऊर्जा कीमतों में तेजी निवेशकों की सतर्कता बढ़ा सकती है।

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