रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि देवेंद्र नाथ महतो का अनशन जारी है। स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने केवल जल और नमक लेना शुरू किया है, जबकि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
रांची: झारखंड में JPSC छात्र आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनशन को लेकर फैली अफवाहों पर सोनम वांगचुक ने स्पष्टता दी है। उन्होंने बताया कि महतो ने केवल स्वास्थ्य कारणों से जल और नमक ग्रहण करना स्वीकार किया है, लेकिन उनकी भूख हड़ताल सरकार की मांगों पर लिखित सहमति मिलने तक जारी रहेगी।
सोनम वांगचुक ने अनशन को लेकर स्थिति स्पष्ट की
रांची के मोरहाबादी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इस बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनशन समाप्त करने की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगीं, जिन पर सोनम वांगचुक ने सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण जारी किया।

वांगचुक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए कहा कि देवेंद्र महतो का अनशन अभी भी जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आंदोलन से जुड़ी भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।
स्वास्थ्य बिगड़ने पर जल और नमक लेने की सलाह
जानकारी के अनुसार, देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन की शुरुआत में भोजन के साथ-साथ पानी का भी त्याग कर दिया था। लगातार कई दिनों तक जल ग्रहण नहीं करने से उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और चिकित्सकों ने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई।
इसी दौरान सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे बातचीत की और स्वास्थ्य को देखते हुए केवल जल और नमक ग्रहण करने का आग्रह किया। इसके बाद महतो ने पानी और नमक लेना स्वीकार किया, लेकिन स्पष्ट किया कि उन्होंने भोजन ग्रहण नहीं किया है और उनका अनशन पहले की तरह जारी रहेगा।
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करती, तब तक भूख हड़ताल समाप्त नहीं होगी।
राष्ट्रीय स्तर पर मिल रहा समर्थन
छात्र आंदोलन को अब राज्य के बाहर से भी समर्थन मिलने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वह जल्द ही अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ रांची पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को मजबूती से रखा जाएगा।
वहीं, सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने भी राज्य सरकार से छात्रों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।
आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखने पर जोर
आंदोलन में शामिल छात्र संगठनों ने दोहराया है कि यह पूरी तरह छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा आंदोलन है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता को इस मंच का राजनीतिक लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आंदोलनकारियों के अनुसार उनका मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराना और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार से ठोस कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। फिलहाल आंदोलन जारी है और छात्र सरकार की ओर से लिखित आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं।












