उत्तर प्रदेश में ग्रामीण डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए हर ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को आधार से जुड़े काम के लिए दूर कस्बों में जाने की जरूरत कम होगी और पंचायत स्तर पर सुविधाएं बढ़ेंगी।
हरदोई: उत्तर प्रदेश में आधार सेवा केंद्र का नेटवर्क ग्राम पंचायत स्तर तक बढ़ाने की तैयारी है। ई-पंचायत स्टेट रिव्यू कमेटी की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने पर चर्चा के दौरान बताया गया कि प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों में ये केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे आधार संबंधी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने और ग्रामीणों का समय व खर्च बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पंचायत स्तर पर उपलब्ध होंगी आधार से जुड़ी सेवाएं
उत्तर प्रदेश में ई-गवर्नेंस को गांवों तक पहुंचाने की दिशा में ग्राम पंचायतों की भूमिका बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। प्रमुख सचिव पंचायती राज के कार्यालय में आयोजित ई-पंचायत स्टेट रिव्यू कमेटी की बैठक में पंचायतों को तकनीक से जोड़ने और नागरिक सेवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

बैठक में हरदोई की बांसा ग्राम पंचायत के प्रधान संपूर्णानंद ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधार संबंधी सुविधाओं की उपलब्धता का मुद्दा उठाया। उन्होंने पंचायत भवन में आधार सेवा केंद्र स्थापित करने का सुझाव देते हुए कहा कि वर्तमान में कई ग्रामीणों को आधार से जुड़े काम कराने के लिए नजदीकी कस्बों या शहरों तक जाना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में लोगों को आने-जाने में अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ता है। अगर यही सेवाएं ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध हों तो स्थानीय निवासियों को सीधे इसका फायदा मिल सकता है।
हर ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों में केंद्र खोलने की तैयारी
बैठक के दौरान पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह की ओर से जानकारी दी गई कि प्रत्येक ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस व्यवस्था के लागू होने से ग्रामीण इलाकों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ सकेगी।
आधार से जुड़ी सुविधाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाना विशेष रूप से उन ग्रामीणों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिन्हें सामान्य काम के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। स्थानीय स्तर पर केंद्र उपलब्ध होने से नागरिक सुविधाओं तक पहुंच आसान होने के साथ पंचायत भवनों की उपयोगिता भी बढ़ेगी।
यह पहल ग्राम पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई के बजाय स्थानीय डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पंचायतों के माध्यम से अधिक सरकारी और नागरिक सेवाएं उपलब्ध होने पर ग्रामीणों को कई काम अपने क्षेत्र में ही कराने की सुविधा मिल सकती है।
ई-पंचायत और डिजिटल सुविधाओं पर बढ़ा फोकस
ई-पंचायत स्टेट रिव्यू कमेटी की बैठक में आधार सेवा केंद्र के अलावा पंचायतों को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और नागरिक सुविधाओं के लिहाज से मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-गवर्नेंस के इस्तेमाल को बढ़ाकर पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में शिक्षा, ग्रामीण विकास और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में ग्राम पंचायतों द्वारा किए जा रहे कार्यों पर भी चर्चा हुई। बांसा ग्राम पंचायत की ओर से किए गए प्रयासों और वहां नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़े कार्यों की जानकारी साझा की गई।
इस दौरान लखनऊ की गोरवा ग्राम पंचायत के प्रधान वीरेंद्र शुक्ला, सीतापुर के सिंधौली क्षेत्र की नहुरावां पंचायत के प्रधान ओमकार और उन्नाव के मियागंज की प्रधान नगमा सहित अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
आधार सेवा केंद्र स्थापित करने की यह पहल अमल में आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद कर सकती है। खासकर आधार से संबंधित काम स्थानीय स्तर पर होने से ग्रामीणों की शहर और कस्बों पर निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही पंचायत भवनों को डिजिटल और नागरिक सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है।











