एक साल से रिलेशनशिप में थे, धर्म हिंदू बताया था: लखनऊ में कार के बोनट पर लटकी पीड़िता बोली

लखनऊ कार कांड में पीड़िता ने बताया कि आरोपी से क्लब में मुलाकात हुई थी और करीब एक साल से रिश्ता था। उसने पहचान छिपाने और मारपीट समेत कई गंभीर आरोप लगाए।
एक साल से रिलेशनशिप में थे, धर्म हिंदू बताया था: लखनऊ में कार के बोनट पर लटकी पीड़िता बोली
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लखनऊ के गोमतीनगर एक्सटेंशन स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क के पास 16 सितंबर की सुबह हुई घटना ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक युवती चलती कार के बोनट पर लटकी दिखाई दे रही है और खुद को बचाने के लिए कार के आगे लगे हिस्से को पकड़ने की कोशिश करती नजर आती है। इस घटना के बाद पुलिस ने शाहनवाज अली को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, युवती और आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे और दोनों के बीच करीब एक साल से संबंध होने की बात सामने आई है।

पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया है कि वह आरोपी के साथ करीब एक साल से रिलेशनशिप में थी। उसका कहना है कि दोनों की मुलाकात क्लब में हुई थी। पीड़िता के मुताबिक, शुरुआत में आरोपी ने उसे अपना नाम आयुष ठाकुर बताया था और खुद को हिंदू बताया था। बाद में जब उसने आरोपी का इंस्टाग्राम अकाउंट देखा तो उसे उसके नाम और पहचान के बारे में जानकारी हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में पीड़िता के दावे को 'यश ठाकुर' नाम से जोड़ा गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में 'आयुष ठाकुर' नाम सामने आया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के स्तर पर अभी नहीं हुई है।

पीड़िता का आरोप है कि पहचान को लेकर जानकारी सामने आने के बावजूद आरोपी लगातार उसके संपर्क में रहा। उसने यह भी दावा किया कि आरोपी के संपर्क में कई अन्य लड़कियां थीं और वह अपने दोस्तों के साथ क्लब जाता था, जहां लड़कियों से जान-पहचान होती थी। पीड़िता ने बताया कि इसी तरह दोनों के बीच संपर्क बढ़ा था और धीरे-धीरे उनका रिश्ता करीब एक साल तक चला।

घटना 16 सितंबर की सुबह जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर-4 के आसपास हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी शाहनवाज अपने दोस्त दानिश के साथ वहां आया था। इसी दौरान पीड़िता भी अपनी बुआ और बहन के साथ वहां पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और मुलाकात के दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद आरोपी कार लेकर वहां से निकलने लगा।

पीड़िता का कहना है कि उसने आरोपी को दूसरी लड़कियों के साथ देखा था और इसी बात को लेकर उससे सवाल किया। उसके मुताबिक, कार में मौजूद लड़कियां विवाद बढ़ने के बाद वहां से चली गईं। इसके बाद आरोपी कार में बैठकर निकलने लगा। पीड़िता ने कार रोकने की कोशिश की। आरोप है कि कार रोकने के बजाय आरोपी ने गाड़ी आगे बढ़ा दी, जिसके बाद वह कार के आगे आ गई और खुद को बचाने के लिए बोनट तथा वाइपर को पकड़ लिया।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। वीडियो में युवती कार के बोनट पर दिखाई देती है और आसपास मौजूद लोगों को उसे बचाने की कोशिश करते देखा जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, कार कुछ दूरी तक चलती रही। इस दौरान युवती कार को पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश करती रही। इसके बाद वह सड़क पर गिर गई और घायल हो गई। पुलिस ने घटना के वीडियो और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, पुलिस की प्रारंभिक जानकारी में कार करीब 20 से 25 मीटर तक चलने की बात सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि वाहन शुरुआत में धीरे चला, लेकिन बाद में उसकी रफ्तार बढ़ गई, जिसके बाद युवती कार से गिर गई। इसके बाद वाहन वहां से निकल गया। युवती को चोटें आईं और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के पूरे क्रम को लेकर पुलिस CCTV फुटेज, वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दूसरे सबूतों की जांच कर रही है।

पीड़िता ने आजतक से बातचीत में यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी उसके साथ मारपीट करता था। उसका दावा है कि आरोपी नशे की हालत में उसे लात और बेल्ट से मारता था। उसने बताया कि इससे पहले भी DLF के पास उसके साथ मारपीट हुई थी और उस समय सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे थे। हालांकि, ये सभी आरोप पीड़िता के बयान पर आधारित हैं और पुलिस जांच के दौरान इनकी पुष्टि की जानी बाकी है।

पीड़िता ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी ने उसका निजी वीडियो उसकी अनुमति के बिना बनाया और बाद में उसे वायरल करने की धमकी दी। उसने यह भी दावा किया कि घटना के बाद आरोपी के एक दोस्त की ओर से उस पर समझौता करने का दबाव बनाया गया। पीड़िता के मुताबिक, उसे केस वापस लेने और समझौता करने के लिए कहा गया। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

दूसरी तरफ आरोपी ने पुलिस के सामने खुद को निर्दोष बताया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने दावा किया कि युवती पिछले छह-सात महीनों से उसका पीछा कर रही थी और उसे परेशान कर रही थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि युवती ने उससे पैसे लिए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों को जांच में शामिल किया है और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति CCTV फुटेज, वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर स्पष्ट करने की बात कही है।

इस मामले में पुराने वीडियो भी सामने आए हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की 18 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, सामने आए पुराने वीडियो में दोनों को साथ देखा जा सकता है। एक वीडियो में दोनों के बीच रिश्ते को लेकर बातचीत दिखाई देती है, जबकि दूसरे वीडियो में पीड़िता की ओर से संबंध शुरू होने को लेकर बातचीत का दावा किया गया है। इन वीडियो की तारीख स्पष्ट नहीं है, इसलिए पुलिस इन्हें मामले के दूसरे साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रही है।

पुलिस ने इस मामले में शाहनवाज अली और दानिश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। धारा 109 हत्या के प्रयास से संबंधित है। पुलिस ने शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में इस्तेमाल कार को भी कब्जे में लिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, दानिश की तलाश की जा रही है। बाद की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने शाहनवाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

मामले की जांच में पुलिस इस बात पर भी ध्यान दे रही है कि विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई, युवती कार के सामने किस परिस्थिति में आई, वाहन किस गति से चला, युवती कितनी दूरी तक बोनट पर रही और उसके बाद वह किस तरह सड़क पर गिरी। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में दोनों के एक-दूसरे को पहले से जानने की बात सामने आई है। घटना को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से किए गए दावों की पुष्टि CCTV, वीडियो, गवाहों और अन्य साक्ष्यों से की जा रही है।

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब पीड़िता की ओर से पहचान छिपाकर संबंध बनाने का आरोप सामने आया। पीड़िता ने दावा किया कि आरोपी ने शुरुआत में खुद को हिंदू बताते हुए आयुष ठाकुर या यश ठाकुर नाम बताया था। हालांकि, इस आरोप को अभी पुलिस की ओर से अंतिम रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया गया है। इसलिए जांच पूरी होने तक पहचान और कथित तौर पर नाम छिपाने से जुड़े दावों को पीड़िता के आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता आयोग पहुंची और वहां मामले को लेकर जानकारी दी। आयोग की ओर से भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई और जांच की बात कही गई है। इस बीच पुलिस की जांच में घटना के वीडियो, CCTV फुटेज, पुराने वीडियो, दोनों पक्षों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

घटना के बाद सामने आए वीडियो ने पूरे मामले को लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है, लेकिन जांच के लिहाज से वायरल वीडियो के साथ-साथ घटनास्थल के CCTV और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी अहम होंगे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद से लेकर कार के वहां से निकलने और युवती के सड़क पर गिरने तक घटनाओं का वास्तविक क्रम क्या था। साथ ही दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए पुराने आरोपों की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल आरोपी पुलिस की कार्रवाई का सामना कर रहा है, जबकि पीड़िता का इलाज और मामले से जुड़े बयान जांच का हिस्सा हैं। इस मामले में आगे की कानूनी स्थिति पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही से स्पष्ट होगी। पहचान छिपाने, पुराने मारपीट के आरोप, कथित धमकियों और घटना के दौरान जान से मारने के प्रयास जैसे सभी दावों की पुष्टि जांच में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना बाकी है।

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