लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान सई नदी में डूबे तीनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मंगलवार शाम सिसेंडी गांव के लोग गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जबरेला पुल के पास सई नदी पहुंचे थे। इसी दौरान गहरे पानी में जाने के बाद तीन युवक डूब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस, स्थानीय गोताखोरों तथा एसडीआरएफ की टीम ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया। बुधवार को तीनों के शव बरामद होने के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक सिसेंडी गांव से लोग करीब पांच किलोमीटर दूर जबरेला पुल के पास सई नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जित करने पहुंचे थे। मंगलवार शाम करीब पांच बजे विसर्जन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान धीरज नदी के अपेक्षाकृत गहरे हिस्से में चले गए और पानी में डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए हरिप्रसाद नदी में उतर गए, लेकिन वह भी मुश्किल में फंस गए। इसके बाद प्रमोद भी दोनों को बचाने के प्रयास में नदी में उतर गए। कुछ ही देर में तीनों पानी में लापता हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवकों की तलाश शुरू कराई गई। बाद में एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची और नाव तथा अन्य फ्लड-रेस्क्यू उपकरणों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। रातभर नदी में तलाश चलती रही। बुधवार सुबह धीरज और हरिप्रसाद के शव बरामद किए गए, जबकि प्रमोद की तलाश जारी रखी गई। करीब तीन किलोमीटर के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद बुधवार सुबह करीब 11:45 बजे प्रमोद का शव भी बरामद कर लिया गया।
रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ के साथ स्थानीय गोताखोर भी शामिल रहे। रिपोर्ट के अनुसार करीब छह स्थानीय गोताखोरों ने भी नदी में तलाश में मदद की। एसडीआरएफ टीम नाव, लाइफ जैकेट और दूसरे बचाव उपकरणों के साथ नदी के बहाव की दिशा में खोज करती रही। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और अभियान की निगरानी की।
इस हादसे ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। सबसे दुखद स्थिति यह है कि धीरज और हरिप्रसाद की पत्नियां गर्भवती बताई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार धीरज की पत्नी अनिता करीब तीन महीने की गर्भवती हैं। वहीं हरिप्रसाद की पत्नी श्यामावती भी गर्भवती हैं। हरिप्रसाद के परिवार में एक बेटा और एक बेटी भी हैं। अचानक हुई इस घटना से दोनों परिवारों में मातम छा गया है।
तीनों युवक मजदूरी और पेंटिंग का काम करते थे और एक-दूसरे के साथ काम करते थे। मंगलवार को भी वे गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए साथ पहुंचे थे। कुछ ही समय बाद नदी में हुए हादसे ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। परिजनों को जैसे ही युवकों के नदी में डूबने की जानकारी मिली, वे घटनास्थल पर पहुंच गए और रातभर नदी किनारे उनके मिलने की उम्मीद में इंतजार करते रहे।
हादसे के बाद कुछ परिजनों और ग्रामीणों ने बचाव अभियान की गति को लेकर सवाल भी उठाए थे। रिपोर्टों के अनुसार परिजनों ने सर्च ऑपरेशन में देरी को लेकर चिंता जताई। अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि एसडीआरएफ की प्रशिक्षित टीम नदी के बहाव और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर लगातार तलाश कर रही है। इसके बाद बचाव अभियान रातभर जारी रखा गया और अंततः तीनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए।
इस घटना को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में युवकों की उम्र में अंतर भी सामने आया है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में धीरज की उम्र 21 या 35 वर्ष, हरिप्रसाद की 35 या 40 वर्ष और प्रमोद की 22 या 25 वर्ष बताई गई है। इसलिए उम्र के आंकड़ों को लेकर आधिकारिक दस्तावेज या पोस्टमार्टम रिकॉर्ड की पुष्टि को अंतिम माना जाना उचित होगा। नामों और घटना के मुख्य विवरण की पुष्टि कई रिपोर्टों में हुई है।
पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार विसर्जन के दौरान तीनों युवक नदी के गहरे हिस्से में चले गए थे और एक को बचाने के प्रयास में दूसरे तथा तीसरे युवक भी पानी में उतर गए। सई नदी में पानी की गहराई और बहाव के कारण तीनों के डूबने की घटना हुई।
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए इस हादसे ने एक बार फिर नदी और जलाशयों में विसर्जन के समय सुरक्षा इंतजामों के महत्व को सामने ला दिया है। सई नदी के किनारे बड़ी संख्या में लोग विसर्जन के लिए पहुंचे थे। ऐसे में गहरे पानी वाले हिस्सों की पहचान, बैरिकेडिंग, पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित गोताखोर और बचाव दल की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई है।
तीनों युवकों के शव मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया है, लेकिन सिसेंडी और आसपास के गांवों में इस घटना का गहरा असर है। गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए खुशी के माहौल में निकले परिवारों के बीच अचानक मातम छा गया। दो गर्भवती महिलाओं के पति की मौत और तीसरे युवक के परिवार पर आई इस त्रासदी ने ग्रामीणों को भी शोक में डाल दिया है। अब पोस्टमार्टम और पुलिस की आगे की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की कार्रवाई की जाएगी।











