मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष Hemant Katare ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा Mallikarjun Kharge, Jitu Patwari और Umang Singhar को सौंपा।
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। Hemant Katare ने राज्य विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Jitu Patwari और नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar को सौंपा है।
यह कदम ऐसे समय आया है जब राज्य की राजनीति में विपक्ष की भूमिका को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। कटारे भिंड जिले की अटेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं और पार्टी के सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं।
इस्तीफे की वजह: पारिवारिक और क्षेत्रीय जिम्मेदारियां
हेमंत कटारे ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वे पारिवारिक दायित्वों और समय की कमी के कारण उप नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में वे अपने परिवार और विधानसभा क्षेत्र की जनता को अपेक्षित समय और ध्यान नहीं दे पा रहे थे। मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन महासचिव डॉ. संजय कामले ने भी इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि कटारे ने निजी और पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने दोहराया कि यह निर्णय व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से लिया गया है।
कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि हेमंत कटारे का इस्तीफा केवल पद से संबंधित है, न कि पार्टी की सदस्यता से। वे कांग्रेस पार्टी के साथ पहले भी जुड़े थे, वर्तमान में भी हैं और भविष्य में भी पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के साथ बने रहेंगे। यह बयान उन अटकलों पर विराम लगाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिनमें राजनीतिक असहमति या रणनीतिक मतभेद की संभावना जताई जा रही थी।
![]()
इस्तीफा अभी लंबित
सूत्रों के अनुसार, कटारे का इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं किया गया है। इसे स्वीकार करना या न करना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के विवेक पर निर्भर करेगा। ऐसे मामलों में पार्टी अक्सर आंतरिक विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय लेती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी दलों में संगठनात्मक संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है, विशेषकर तब जब विधानसभा सत्र चल रहा हो और प्रमुख मुद्दों पर बहस जारी हो।
दिलचस्प बात यह रही कि हेमंत कटारे शुक्रवार शाम 4 बजे तक विधानसभा की कार्यवाही में मौजूद थे। इसके बाद वे अचानक सदन से बाहर निकल गए और उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो गया। इससे शाम तक राजनीतिक गलियारों में सस्पेंस बना रहा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें इस निर्णय की जानकारी बाद में मिली। उन्होंने कहा कि कटारे सदन में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे थे और उनके प्रदर्शन को सकारात्मक माना जा रहा था। सिंघार ने यह भी कहा कि वे इस मामले की पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे।









