मेरठ में रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने के आरोप में दारोगा और हेड कांस्टेबल गिरफ्तार

मेरठ में लूट के आरोपी को रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोप में दारोगा और हेड कांस्टेबल गिरफ्तार। दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज।

मेरठ में एक दारोगा और हेड कांस्टेबल को कथित रूप से तीन हजार रुपये रिश्वत लेकर लूट के आरोपी को छोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक दारोगा और हेड कांस्टेबल पर लूट के एक आरोपी को रिश्वत लेकर छोड़ने का आरोप लगा है। शिकायत की जांच के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने का आरोप

मेरठ में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि नौचंदी थाने में तैनात दारोगा अनूप कुमार और हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार ने लूट के एक आरोपी को पकड़ने के बाद रिश्वत लेकर छोड़ दिया। शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कराई।

मेरठ में रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने के आरोप में दारोगा और हेड कांस्टेबल गिरफ्तार

बताया गया है कि आरोपी रिहान पहले से लूट के एक मामले में वांछित था और उसके खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका था। पुलिस टीम उसे पकड़कर चौकी तक लाई थी, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।

आरोपी की मां ने एसएसपी से की शिकायत

जानकारी के अनुसार आरोपी की मां रिहाना अपने बेटे की गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर चौकी पहुंची थी। आरोप है कि बेटे को छोड़ने के बदले उससे तीन हजार रुपये की मांग की गई। रिहाना ने कथित तौर पर पड़ोसियों से उधार लेकर रकम की व्यवस्था की और पुलिसकर्मियों को पैसे दिए।

इसके बाद आरोपी को छोड़ दिया गया। कुछ दिन बाद रिहाना ने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की। उसने आरोप लगाया कि उसके बेटे को पहले भी कई बार पैसे लेकर छोड़ा गया है।

सीसीटीवी फुटेज से मिली पुष्टि

शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने मामले की रिपोर्ट तलब की और जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान केसरगंज चौकी के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार फुटेज में आरोपी रिहान को पुलिसकर्मियों द्वारा चौकी लाए जाने की पुष्टि हुई है।

फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी को छोड़ने की प्रक्रिया में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा

मामले में थाना प्रभारी की ओर से दारोगा और हेड कांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। दोनों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार के मामलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय जांच भी जारी

इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है। संबंधित थानों के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि आरोपी की गिरफ्तारी और रिहाई की जानकारी रिकॉर्ड में क्यों नहीं दर्ज की गई।

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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