मेघालय में 8 UDP विधायकों ने BJP में विलय का पत्र सौंपा, स्पीकर करेंगे दस्तावेजों की जांच

मेघालय में UDP के आठ विधायकों ने BJP में विलय की जानकारी देते हुए विधानसभा में पत्र जमा किया। स्पीकर थॉमस ए. संगमा की अनुपस्थिति में दस्तावेजस्वीकार किए।

मेघालय में UDP के आठ विधायकों ने BJP में विलय की जानकारी देते हुए विधानसभा में पत्र जमा किया। स्पीकर थॉमस ए. संगमा की अनुपस्थिति में दस्तावेज एंड्रयू सिमंस ने स्वीकार किए। अंतिम निर्णय संवैधानिक प्रावधानों की जांच के बाद होगा।

शिलांग: मेघालय की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद शुक्रवार को मेघालय विधानसभा में अपने विलय की सूचना देते हुए औपचारिक पत्र और संबंधित दस्तावेज जमा किए। विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा की अनुपस्थिति में ये दस्तावेज विधानसभा के सलाहकार (विधान) एंड्रयू सिमंस को सौंपे गए। विधानसभा अधिकारियों के अनुसार, आठों विधायकों ने अपने कदम को BJP के साथ विलय बताया है। हालांकि, अंतिम निर्णय अभी विधानसभा अध्यक्ष को लेना है। विधानसभा सचिवालय दस्तावेजों और संबंधित संवैधानिक प्रावधानों की जांच करेगा, जिसके बाद अध्यक्ष इस मामले में उचित आदेश जारी करेंगे।

स्पीकर की गैरमौजूदगी में जमा हुए दस्तावेज

मेघालय विधानसभा के अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा इस समय माल्टा में एक अध्ययन दौरे पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में आठ विधायकों की ओर से विलय संबंधी पत्र विधानसभा के सलाहकार (विधान) डॉ. एंड्रयू सिमंस ने प्राप्त किया।

दस्तावेज सौंपे जाने के दौरान BJP के प्रदेश अध्यक्ष रिकमैन जी. मोमिन और BJP विधायक एवं मंत्री सनबोर शुल्लई भी मौजूद थे। आठ में से सात विधायक व्यक्तिगत रूप से विधानसभा परिसर पहुंचे, जबकि नोंगपोह के विधायक मायरेल्बोर्न सिएम उपस्थित नहीं थे। उनके दस्तावेज समूह के साथ जमा किए गए।

सिमंस ने दस्तावेज प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए कहा कि पत्र विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित है और इसमें BJP के साथ विलय की जानकारी दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे की प्रक्रिया संबंधित नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के तहत होगी।

विधानसभा सचिवालय करेगा दस्तावेजों की जांच

विलय का पत्र जमा होने के बावजूद इसे तत्काल अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। विधानसभा सलाहकार के अनुसार, सचिवालय सभी दस्तावेजों और पत्र में उठाए गए मुद्दों की जांच करेगा।

यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आठ विधायकों ने अपने कदम को विलय बताया है और इस पर अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष को करना है। विधानसभा सचिवालय यह भी देखेगा कि प्रस्तुत दस्तावेज संबंधित संवैधानिक और विधायी प्रावधानों की कसौटी पर खरे उतरते हैं या नहीं।

इसका अर्थ है कि फिलहाल आठों विधायकों का BJP के साथ राजनीतिक जुड़ाव सामने आ चुका है, लेकिन विधानसभा के रिकॉर्ड में उनकी स्थिति पर अंतिम औपचारिक आदेश अभी बाकी है।

UDP के चार विधायक अभी समूह से बाहर

इस घटनाक्रम का एक अहम पहलू यह है कि UDP के चार विधायक अभी इस समूह का हिस्सा नहीं हैं। विधानसभा अधिकारियों से जब पूछा गया कि क्या आठ विधायकों का कदम पूरी UDP विधायक दल के BJP में विलय के रूप में माना जा सकता है, तो उन्होंने कहा कि इस पहलू की भी जांच की जाएगी।

विधानसभा सचिवालय दस्तावेजों और संबंधित संवैधानिक प्रावधानों को देखने के बाद ही इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करेगा। अध्यक्ष द्वारा आदेश जारी होने के बाद ही इस विलय की विधानसभा स्तर पर औपचारिक स्थिति स्पष्ट होगी।

BJP की विधानसभा में संख्या 10 हो सकती है

मेघालय विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं। आठ UDP विधायकों के BJP में जाने के बाद पार्टी की विधानसभा में संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है। हालांकि, यह संख्या विधानसभा रिकॉर्ड में विलय की औपचारिक मान्यता के बाद किस रूप में दर्ज होगी, यह अध्यक्ष के आदेश पर निर्भर करेगा।

इस घटनाक्रम से राज्य विधानसभा में विभिन्न दलों की स्थिति में बदलाव आया है। BJP अब 60 सदस्यीय सदन में पहले की तुलना में अधिक विधायी ताकत के साथ मौजूद है।

आठ विधायकों का BJP में शामिल होना

विलय पत्र जमा करने से पहले आठों UDP विधायक नई दिल्ली में BJP में औपचारिक रूप से शामिल हुए थे। यह राजनीतिक घटनाक्रम इस सप्ताह सामने आया था।

इसके बाद विधायकों ने विधानसभा को अपने कदम की औपचारिक जानकारी देने के लिए विलय संबंधी पत्र सौंपा। विधानसभा अधिकारियों के मुताबिक, सभी आठ विधायकों के आवश्यक दस्तावेज प्राप्त हो चुके हैं।

BJP प्रदेश अध्यक्ष रिकमैन जी. मोमिन और विधायक सनबोर शुल्लई की मौजूदगी में दस्तावेज सौंपे जाने से इस घटनाक्रम को पार्टी संगठन की ओर से भी सार्वजनिक रूप से दर्ज किया गया।

एंटी-डिफेक्शन कानून के संदर्भ में मामला

आठ विधायकों के एक साथ BJP में जाने का मामला संविधान की दसवीं अनुसूची यानी एंटी-डिफेक्शन कानून के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्टों के अनुसार, आठ विधायक UDP के कुल 12 विधायकों में से दो-तिहाई संख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनके कदम को उन्होंने व्यक्तिगत दलबदल के बजाय विधायक दल के विलय के रूप में प्रस्तुत किया है।

हालांकि, किसी संवैधानिक प्रावधान का इस मामले में अंतिम अनुप्रयोग कैसे होगा, यह विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दस्तावेजों और संबंधित प्रावधानों की जांच के बाद स्पष्ट होगा। इसलिए फिलहाल इसे अध्यक्ष के निर्णय से पहले अंतिम संवैधानिक निष्कर्ष के रूप में देखना उचित नहीं है।

रिपोर्टों के मुताबिक, UDP की ओर से आठ विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग से जुड़ी प्रक्रिया भी सामने आई है। इसके बाद इन विधायकों ने BJP के साथ अपने कदम को विलय के रूप में विधानसभा के समक्ष रखा।

MDA सरकार पर क्या होगा असर?

मेघालय में मौजूदा सरकार मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) के तहत चल रही है, जिसका नेतृत्व नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) करती है। आठ UDP विधायकों के BJP में जाने से सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज हुई है।

हालांकि, NPP नेताओं की ओर से सरकार के कामकाज को लेकर स्थिरता का दावा किया गया है। NPP विधायक और सरकार की सलाहकार एम्परीन लिंगदोह ने कहा कि गठबंधन सरकार अपना काम जारी रखेगी और 2028 तक अपने कार्यकाल के अनुसार शासन करती रहेगी।

NPP नेता सियावभलांग धर ने भी कहा है कि NPP के सभी 33 विधायक एकजुट हैं और MDA सरकार काम कर रही है।

इसलिए आठ UDP विधायकों के BJP में जाने के बावजूद सरकार की तत्काल स्थिति को लेकर सत्तारूढ़ पक्ष ने स्थिरता का संदेश दिया है।

BJP के लिए बदला विधानसभा समीकरण

आठ विधायकों के BJP के साथ जाने से पार्टी की विधानसभा में संख्या दो से बढ़कर 10 होने की स्थिति बनी है। यदि विलय को विधानसभा अध्यक्ष की ओर से औपचारिक मान्यता मिलती है, तो राज्य विधानसभा में BJP की भूमिका और प्रतिनिधित्व पहले की तुलना में अलग स्थिति में होगा।

हालांकि, विधानसभा में किसी दल की संख्या बढ़ना और सरकार के गठन या बहुमत की स्थिति में बदलाव अलग-अलग संवैधानिक और राजनीतिक प्रश्न हैं। मौजूदा MDA सरकार को लेकर सत्तारूढ़ NPP ने स्पष्ट किया है कि वह अपना कार्यकाल जारी रखेगी।

अब स्पीकर के आदेश का इंतजार

फिलहाल पूरे मामले का अगला महत्वपूर्ण चरण विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा की ओर से दस्तावेजों की जांच और आदेश जारी करना है। विधानसभा सलाहकार एंड्रयू सिमंस ने स्पष्ट किया है कि आठों विधायकों के दस्तावेज जमा हो चुके हैं और अब उनकी जांच संबंधित नियमों तथा संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार होगी।

इस बीच, UDP से BJP में आठ विधायकों का जाना मेघालय की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव के रूप में सामने आया है। लेकिन विलय की विधानसभा स्तर पर अंतिम स्थिति और विधायकों की औपचारिक स्थिति अध्यक्ष के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।

आने वाले दिनों में स्पीकर का फैसला यह निर्धारित करेगा कि विधानसभा रिकॉर्ड में इस कदम को किस तरह दर्ज किया जाता है और इसका राज्य की पार्टी संरचना पर औपचारिक प्रभाव क्या होगा।

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