मणिपुर में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई: NIA मामलों में 10 आरोपी गिरफ्तार

मणिपुर में NIA, पुलिस और CRPF के संयुक्त अभियान में 10 आरोपी गिरफ्तार। कई उग्रवादी संगठनों के सक्रिय कैडर पकड़े गए, हथियार लूट, हत्या मामलों में कार्रवाई।

मणिपुर में पुलिस, NIA और CRPF के संयुक्त अभियान के तहत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में कई उग्रवादी संगठनों के सक्रिय कैडर पकड़े गए। गिरफ्तारियां बैंक डकैती, हथियार लूट, हत्या, अपहरण और सुरक्षा बलों पर हमलों से जुड़े मामलों में हुईं।

इम्फाल: पूर्वोत्तर भारत के संवेदनशील राज्य Manipur में सुरक्षा एजेंसियों ने उग्रवाद और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की हैं। राज्य पुलिस, National Investigation Agency (NIA) और Central Reserve Police Force (CRPF) द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए अभियान में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई विभिन्न जिलों में एक साथ संचालित की गई, जिनमें चुराचांदपुर, इंफाल और उखरूल प्रमुख रूप से शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों का संबंध कई हाई-प्रोफाइल मामलों और उग्रवादी गतिविधियों से बताया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह अभियान राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और हिंसक गतिविधियों में शामिल नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कई चर्चित मामलों से जुड़े हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों का संबंध कई संवेदनशील और चर्चित मामलों से है, जिनकी जांच एनआईए द्वारा की जा रही है। इन मामलों में उखरूल स्थित पंजाब नेशनल बैंक में हुई डकैती, 5वीं इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) से हथियारों की लूट, जिरीबाम क्षेत्र में एक महिला की हत्या, चार कुकी समुदाय के लोगों के अपहरण और हत्या, नारायनसेना क्षेत्र में सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला तथा मुख्यमंत्री के काफिले पर हुए हमले जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। 

अधिकारियों का मानना है कि इन मामलों में शामिल व्यक्तियों की गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिलेगी और कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

चुराचांदपुर में उग्रवादी संगठन से जुड़े किशोर को पकड़ा गया

सुरक्षा बलों ने 19 जून को एक अलग अभियान के दौरान चुराचांदपुर जिले के सोंगपी गांव क्षेत्र से एक किशोर को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार वह कथित रूप से United Kuki National Army (UKNA) का सक्रिय सदस्य था।

पुलिस का कहना है कि किशोरों की उग्रवादी संगठनों में भर्ती सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हाल के वर्षों में कई उग्रवादी समूह युवाओं और नाबालिगों को अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश करते पाए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की भी जांच कर रही हैं कि किशोर को संगठन में कैसे शामिल किया गया और उसके संपर्क किन लोगों से थे।

कथित उगाही नेटवर्क पर भी कार्रवाई

एक अन्य अभियान में सुरक्षा बलों ने इंफाल पश्चिम जिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिस पर उगाही गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति कथित रूप से KCP-PWG से जुड़ा हुआ था और संगठन में स्वयंभू कप्तान के रूप में कार्य कर रहा था।

पुलिस का कहना है कि उग्रवादी संगठनों द्वारा उगाही लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख सुरक्षा चुनौतियों में से एक रही है। व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों से कथित रूप से धन वसूली की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं।

इंफाल में दो और संदिग्ध गिरफ्तार

सुरक्षा बलों ने इंफाल के आईएसबीटी परिसर क्षेत्र में एक विशेष अभियान चलाकर दो अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार इनमें से एक व्यक्ति का संबंध Revolutionary People's Front (RPF) और उसकी सशस्त्र शाखा People's Liberation Army (PLA) से बताया गया है। अधिकारियों का दावा है कि गिरफ्तार व्यक्तियों के साथ एक किशोर भी मिला, जिसे कथित रूप से संगठन में भर्ती करने की तैयारी की जा रही थी।

मणिपुर में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई: NIA मामलों में 10 आरोपी गिरफ्तार

सुरक्षा बलों ने उसे सुरक्षित निकालकर संरक्षण में ले लिया। यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की उस रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत युवाओं को उग्रवादी संगठनों में शामिल होने से रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

खुफिया विंग से जुड़े वरिष्ठ सदस्य की गिरफ्तारी

सुरक्षा एजेंसियों ने एक अन्य अभियान में एक ऐसे व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया, जिसे उग्रवादी संगठन के खुफिया तंत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण सदस्य बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार आरोपी संगठन में स्वयंभू लेफ्टिनेंट कर्नल और खुफिया विभाग के प्रभारी पद पर कार्यरत था। उसे इंफाल पूर्व जिले के कोंगबा बाजार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से संगठन की गतिविधियों, वित्तीय नेटवर्क और संपर्क तंत्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है।

नकदी और वाहन समेत कई सामग्री बरामद

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के पास से सुरक्षा बलों ने नकदी, वाहन और अन्य संदिग्ध सामग्री भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार एक वाहन को जब्त किया गया है, जबकि कुछ दस्तावेज और अन्य सामग्री भी जांच के लिए कब्जे में ली गई है। 

बरामद सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसका उपयोग किन गतिविधियों में किया जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ और खुलासे होने की संभावना है।

एक और सक्रिय उग्रवादी सदस्य गिरफ्तार

19 जून को चलाए गए एक अन्य अभियान में पुलिस ने इंफाल पश्चिम जिले से KCP-PWG के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया। पुलिस का आरोप है कि वह संगठन की विभिन्न गतिविधियों में शामिल था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था।

 उसकी गिरफ्तारी को संगठन के स्थानीय नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पूछताछ के दौरान उससे संगठन की गतिविधियों, संपर्कों और वित्तीय स्रोतों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

मणिपुर में सुरक्षा अभियान लगातार जारी

पिछले कई महीनों से मणिपुर में सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं। राज्य में जातीय तनाव, उग्रवादी गतिविधियों और हथियारों की तस्करी जैसी चुनौतियों के बीच केंद्र और राज्य सरकारें सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि उग्रवादी संगठनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से उनकी गतिविधियों को सीमित करने में मदद मिल रही है। हालांकि क्षेत्र की जटिल सामाजिक और सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए दीर्घकालिक शांति के लिए राजनीतिक और सामाजिक प्रयास भी आवश्यक हैं।

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