मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना Rani Durgavati के बलिदान को श्रद्धांजलि देते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। वीरांगना रानी दुर्गावती के समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदियों से देशवासियों को प्रेरित करता रहा है।
जबलपुर: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गौरव को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर महान गोंडवाना शासिका और वीरता की प्रतीक रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाएगा। इस प्रस्ताव को जल्द ही केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
यह घोषणा रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उनके योगदान को सम्मानित करने और नई पीढ़ी तक उनकी गौरवगाथा पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार यह कदम उठा रही है।
क्या होगा एयरपोर्ट का नया नाम?
सरकार की योजना के अनुसार, जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर “वीरांगना रानी दुर्गावती एयरपोर्ट” रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से यात्री जबलपुर पहुंचेंगे, तो एयरपोर्ट का नाम उन्हें इस क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास और रानी दुर्गावती के अदम्य साहस की याद दिलाएगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास की एक महान महिला योद्धा को सम्मान देने का प्रयास है, जिन्होंने मुगल सेना के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
कौन थीं रानी दुर्गावती?

रानी दुर्गावती 16वीं शताब्दी में गोंडवाना साम्राज्य की शासिका थीं। उनका नाम भारतीय इतिहास में वीरता, नेतृत्व और आत्मसम्मान के प्रतीक के रूप में दर्ज है। उन्होंने अपने राज्य की रक्षा के लिए मुगल सेना का डटकर मुकाबला किया और पराजय स्वीकार करने के बजाय वीरगति प्राप्त की। मध्य प्रदेश, विशेष रूप से महाकौशल और गोंडवाना क्षेत्र में, रानी दुर्गावती को आज भी सम्मान और श्रद्धा के साथ याद किया जाता है। उनके नाम पर पहले से विश्वविद्यालय, संग्रहालय और कई संस्थान स्थापित हैं।
सिर्फ एयरपोर्ट ही नहीं, अन्य परियोजनाओं को भी मिलेगा नया नाम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार रानी दुर्गावती की स्मृति को संरक्षित करने के लिए कई कदम उठा रही है। इससे पहले जबलपुर के सबसे बड़े नवनिर्मित फ्लाईओवर का नाम भी उनके नाम पर रखने का निर्णय लिया गया था। इसके अलावा, जबलपुर में विकसित किए जा रहे नए चिड़ियाघर को भी रानी दुर्गावती के नाम से जाना जाएगा। सरकार का मानना है कि इन पहलों से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
एयरपोर्ट का नाम बदलने के लिए अंतिम मंजूरी केंद्र सरकार से आवश्यक होती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जल्द ही औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजेगी। सरकार को उम्मीद है कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए इस प्रस्ताव को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी। कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस निर्णय का स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि किसानों को ऋण चुकाने की समय-सीमा में राहत दी जाएगी, जिससे उन्हें आर्थिक दबाव से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस फैसले से राज्य सरकार पर लगभग 880 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, लेकिन किसानों की आर्थिक मजबूती सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना राज्य सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है।











