Munawar Faruqui ने हाल ही में अपने निजी जीवन से जुड़ा एक भावुक और प्रेरणादायक पहलू साझा किया। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि क्यों उन्होंने कभी ड्रग्स और शराब को हाथ नहीं लगाया। दिलचस्प बात यह है कि इसका कारण धर्म नहीं, बल्कि बचपन में देखे गए कठिन अनुभव और घरेलू हिंसा रहे हैं।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: मुनव्वर फारूकी, जो बिग बॉस 17 के विजेता भी रह चुके हैं, ने हाल ही में अपने बचपन के कठिन अनुभवों को लेकर खुलकर बात की। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि कम उम्र में घरेलू हिंसा देखने का उनके व्यक्तित्व और फैसलों पर गहरा असर पड़ा। मुनव्वर ने अपने पिता के बारे में बताते हुए कहा कि वे करीब 30 सालों तक ड्राइवर के रूप में काम करते रहे, लेकिन उन्होंने उन्हें कभी गाड़ी चलाना नहीं सिखाया।
इस बात को साझा करते हुए उन्होंने यह भी इशारा किया कि उनके और पिता के बीच रिश्ता हमेशा सहज नहीं रहा। उन्होंने यह भी बताया कि बचपन के ऐसे अनुभवों ने उन्हें जिंदगी को अलग नजरिए से समझने और मजबूत बनने में मदद की।
बचपन की कठिनाइयों ने बदली सोच
मुनव्वर फारूकी ने अपने बचपन को याद करते हुए बताया कि उन्होंने बहुत कम उम्र में जीवन की सच्चाइयों का सामना किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने मात्र 9 साल की उम्र में काम करना शुरू कर दिया था और 11 साल की उम्र में स्कूल छोड़ना पड़ा। उनके अनुसार, उस समय से मैं रोज 12-14 घंटे काम करता था। जल्दी ही समझ आ गया कि परिवार की जिम्मेदारी उठाना कितना कठिन होता है। यह अनुभव उनके व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित करने वाला साबित हुआ और उन्होंने जीवन को लेकर एक गंभीर दृष्टिकोण विकसित किया।
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पिता का संघर्ष बना प्रेरणा
मुनव्वर ने अपने पिता के बारे में भी विस्तार से बात की। उनके पिता लगभग 30 वर्षों तक ड्राइवर के रूप में काम करते रहे। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें कभी गाड़ी चलाना नहीं सिखाया। पहले यह बात उन्हें अजीब लगती थी, लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि इसके पीछे एक गहरी सोच थी। उनके पिता नहीं चाहते थे कि उनका बेटा भी उसी पेशे तक सीमित रह जाए। वे चाहते थे कि मुनव्वर जीवन में कुछ अलग और बेहतर करें।
मुनव्वर फारूकी ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने बचपन में घरेलू हिंसा को बहुत करीब से देखा। यही अनुभव उनके जीवन के फैसलों में निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने बताया कि, मैंने अपने आसपास जो देखा, उसने मुझे यह समझा दिया कि कुछ आदतें और रास्ते जीवन को बर्बाद कर सकते हैं। घरेलू कलह और तनावपूर्ण माहौल ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया, लेकिन साथ ही यह भी सिखाया कि उन्हें किस तरह के जीवन से दूर रहना है।
नशे से दूरी: एक सजग निर्णय
मुनव्वर ने साफ कहा कि उन्होंने शराब और ड्रग्स से दूरी किसी धार्मिक कारण से नहीं, बल्कि अपने अनुभवों के आधार पर बनाई। उनका मानना है कि नशा अक्सर परिवारों में समस्याओं को बढ़ाता है और रिश्तों को कमजोर करता है। इसलिए उन्होंने अपने जीवन में शुरुआत से ही यह तय कर लिया कि वे इन चीजों से दूर रहेंगे। यह निर्णय उनके आत्मअनुशासन और जागरूकता को दर्शाता है, जो आज के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।









