मुजफ्फरपुर दंपती हत्याकांड में बड़ा खुलासा रिक्शा चालक और सिम बेचने वाला गिरफ्तार वकील की वेशभूषा में आए शख्स को लालच में बेच दिया था सिम

मुजफ्फरपुर दंपती हत्याकांड में पुलिस ने रिक्शा चालक और सिम बेचने वाले को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि पैसों के लालच में वकील की वेशभूषा में आए व्यक्ति को सिम उपलब्ध कराया गया था।
मुजफ्फरपुर दंपती हत्याकांड में बड़ा खुलासा रिक्शा चालक और सिम बेचने वाला गिरफ्तार वकील की वेशभूषा में आए शख्स को लालच में बेच दिया था सिम
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मुजफ्फरपुर में चर्चित दंपती हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष टीम ने एक रिक्शा चालक और एक सिम कार्ड विक्रेता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि वारदात की साजिश में इस्तेमाल किए गए मोबाइल कनेक्शन तक पहुंचने के क्रम में इन दोनों की भूमिका सामने आई है। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और वारदात की साजिश का खुलासा किया जा सके।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में यह तथ्य सामने आया कि वकील की वेशभूषा में आए एक व्यक्ति को कथित तौर पर पैसों के लालच में सिम कार्ड उपलब्ध कराया गया था। शुरुआती जांच के अनुसार, सिम जारी करने की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उस सिम का उपयोग किस तरह किया गया और वारदात की योजना में उसकी क्या भूमिका रही।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियों ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, डिजिटल ट्रेल और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण शुरू किया। तकनीकी जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर पुलिस संबंधित लोगों तक पहुंची। इसके बाद रिक्शा चालक और सिम बेचने वाले को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या वे केवल सिम उपलब्ध कराने तक सीमित थे या उन्हें पूरी साजिश की जानकारी भी थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सिम खरीदने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान क्या थी और उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए वकील जैसी वेशभूषा का इस्तेमाल क्यों किया।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं इस मामले में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल तो नहीं हुआ। यदि ऐसा पाया जाता है, तो संबंधित धाराओं के तहत अलग से कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जब्त किए गए मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि डिजिटल सबूतों के आधार पर घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ी जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, दंपती हत्याकांड की जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है। पुलिस केवल प्रत्यक्ष आरोपियों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है जिन्होंने किसी भी रूप में अपराधियों की मदद की हो। यदि पूछताछ या तकनीकी जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने आम लोगों और मोबाइल विक्रेताओं से अपील की है कि सिम कार्ड जारी करते समय निर्धारित केवाईसी (KYC) नियमों का पूरी तरह पालन करें। बिना पहचान सत्यापन के सिम जारी करना गंभीर कानूनी परिणाम ला सकता है। अधिकारियों ने कहा कि अपराधी अक्सर फर्जी पहचान या दूसरे लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर मोबाइल कनेक्शन हासिल करने की कोशिश करते हैं, इसलिए सभी विक्रेताओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

फिलहाल इस मामले में जांच लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी डिजिटल, तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों को एकत्र कर आरोपियों के खिलाफ मजबूत आरोपपत्र तैयार किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम का विस्तृत खुलासा किया जाएगा और जो भी व्यक्ति इस हत्याकांड या उससे जुड़े किसी भी सहयोग में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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