Nigeria में सैन्य हवाई हमले को लेकर विवाद बढ़ गया है। Amnesty International ने दावा किया कि टुम्फा बाजार पर बमबारी में करीब 100 नागरिकों की मौत हुई, जबकि सेना ने नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार किया है।
अबुजा: Nigeria में सेना के एक हवाई हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। मानवाधिकार संगठन Amnesty International ने दावा किया है कि उत्तरी नाइजीरिया के टुम्फा बाजार पर हुए सैन्य हवाई हमले में करीब 100 आम नागरिक मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं शामिल थीं। हालांकि नाइजीरियाई सेना ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसका निशाना केवल हथियारबंद समूह थे और नागरिकों को नुकसान पहुंचाना उसका उद्देश्य नहीं था।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नाइजीरिया लंबे समय से आतंकवादी संगठनों और सशस्त्र गिरोहों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चला रहा है। हाल के वर्षों में कई बार ऐसे आरोप लगे हैं कि आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के दौरान आम नागरिक भी हवाई हमलों का शिकार हो रहे हैं।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मांगी स्वतंत्र जांच
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपने बयान में कहा कि रविवार को टुम्फा बाजार पर की गई बमबारी में बड़ी संख्या में निर्दोष लोग मारे गए। संगठन के नाइजीरिया निदेशक Isa Sanusi ने कहा कि केवल एक गांव में लगभग 80 लोगों को दफनाया गया है। उनके मुताबिक अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि मृतकों का संबंध किसी हथियारबंद समूह से था।
संगठन ने आरोप लगाया कि मरने वालों में अधिकतर आम नागरिक थे और कई छोटी बच्चियां तथा बच्चे भी हमले की चपेट में आए। मानवाधिकार समूहों ने घटना की निष्पक्ष और अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।
रेड क्रॉस ने भी की हमले की पुष्टि
International Committee of the Red Cross से जुड़े अधिकारी इब्राहिम बेलो गारबा ने भी समाचार एजेंसी से बातचीत में हमले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि हवाई हमले में कई नागरिकों की मौत हुई है और प्रभावित इलाकों में मानवीय स्थिति गंभीर बनी हुई है।

राहत एजेंसियों के अनुसार, कई गांवों में घायल लोगों का इलाज स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है, जबकि कुछ इलाकों में अब भी राहत टीमें पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
सेना ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
नाइजीरियाई सेना के प्रवक्ता Michael Onoja ने नागरिकों की मौत के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया में सामने आए दावों की पुष्टि के लिए कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। सेना का कहना है कि सैन्य कार्रवाई केवल आतंकवादी और हथियारबंद समूहों के खिलाफ की जाती है और आम नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए हर संभव सावधानी बरती जाती है।
सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि इलाके में ऑपरेशन अभी जारी है और सुरक्षा कारणों से अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
बोको हराम के खिलाफ अभियान के बीच बढ़ी चिंता
उत्तरी नाइजीरिया लंबे समय से Boko Haram और अन्य सशस्त्र संगठनों की हिंसा से प्रभावित रहा है। सेना लगातार हवाई और जमीनी अभियान चलाकर इन समूहों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकवादी अक्सर स्थानीय आबादी के बीच छिपकर रहते हैं, जिससे सैन्य अभियानों के दौरान आम नागरिकों और लड़ाकों के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि वायुसेना और जमीनी सुरक्षाबलों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है, क्योंकि गलत खुफिया जानकारी या संचार की कमी ऐसी घटनाओं को जन्म दे सकती है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
पिछले महीने भी नाइजीरिया की वायुसेना पर एक गलती से हुए हमले में करीब 100 लोगों की मौत का आरोप लगा था। उस घटना के बाद भी मानवाधिकार संगठनों ने जांच और जवाबदेही की मांग की थी।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का कहना है कि आतंकवाद विरोधी अभियान जरूरी हैं, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संयुक्त राष्ट्र और कई मानवाधिकार समूह पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि लगातार बढ़ते सैन्य अभियानों के कारण मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना
टुम्फा बाजार पर हुए कथित हवाई हमले ने नाइजीरिया सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा दिया है। मानवाधिकार संगठन चाहते हैं कि सरकार पारदर्शी जांच कराए और यदि नागरिकों की मौत हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे मामलों में स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं की गई, तो इससे स्थानीय लोगों का सुरक्षा एजेंसियों पर भरोसा कमजोर हो सकता है और उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियान पर भी असर पड़ सकता है।









