नैनीताल में मूसलधार बारिश से उफनाई नैनी झील, जलस्तर 83.6 फीट पहुंचा; कई सड़कें भूस्खलन से बंद

नैनीताल में लगातार बारिश से नैनी झील का जलस्तर 83.6 फीट पहुंचा। भूस्खलन और जलभराव से कई सड़कें बंद, प्रशासन अलर्ट पर है।

नैनीताल में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से नैनी झील का जलस्तर बढ़कर 83.6 फीट पहुंच गया है। शहर के कई इलाकों में जलभराव हुआ, जबकि भूस्खलन और मलबा आने से कई प्रमुख सड़कें भी बंद हो गई हैं।

नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तेज बारिश के कारण नैनी झील का जलस्तर बढ़कर 83.6 फीट पहुंच गया है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी, वहीं भूस्खलन और मलबा आने से कई संपर्क मार्गों पर यातायात भी बाधित हो गया।

लगातार बारिश से नैनी झील का जलस्तर बढ़ा, कई इलाकों में जलभराव

सरोवर नगरी नैनीताल में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शनिवार सुबह शुरू हुई तेज बारिश कई घंटों तक जारी रही, जिससे शहर के नाले उफान पर आ गए और कई सड़कों पर पानी भर गया। लगातार वर्षा के चलते नैनी झील का जलस्तर बढ़कर 83.6 फीट पहुंच गया है। जुलाई महीने में अब तक लगभग 427 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जिससे झील के जलस्तर में करीब 3.5 फीट की वृद्धि हुई है।

झील अभी भी पूरी तरह भरने से 5.5 फीट दूर

विशेषज्ञों के अनुसार नैनी झील का अधिकतम जलस्तर 89 फीट माना जाता है। वर्तमान में झील को पूरी क्षमता तक भरने के लिए अभी लगभग 5.5 फीट पानी की आवश्यकता है। इस वर्ष जुलाई में मानसून के कुछ दिनों के विराम के बावजूद अधिकांश समय अच्छी बारिश हुई है, जिसका सीधा असर झील के जलस्तर पर देखने को मिला है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी मानसून सक्रिय रहेगा और क्षेत्र में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे झील के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

भूस्खलन से कई सड़कें बंद, प्रशासन सतर्क

लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। कैंची-हरतपा मार्ग, सेनिटोरियम-सिरोड़ी (कैंची बाइपास), खनस्यू-टांडा मार्ग और स्यूड़ा-कोंता-ककोड़-हरीशताल मार्ग पर मलबा आने से आवागमन बाधित हो गया। संबंधित विभागों की टीमें सड़कें खोलने के लिए लगातार राहत एवं सफाई कार्य में जुटी हुई हैं।

बारिश के कारण लोअर माल रोड और मल्लीताल मैदान क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। हालांकि दोपहर बाद बारिश थमने के बाद पानी धीरे-धीरे निकल गया और जनजीवन सामान्य होने लगा।

पर्यटकों की संख्या घटी, खतरा बने पेड़ की छंटाई

मूसलधार बारिश का असर सप्ताहांत में नैनीताल आने वाले पर्यटकों पर भी पड़ा है। खराब मौसम के चलते पर्यटकों की आमद में आंशिक कमी दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत के बीच रही।

इधर, माल रोड पर बारिश के कारण झुक चुके एक पेड़ की टहनियां बिजली की लाइनों तक पहुंचने लगी थीं। संभावित खतरे को देखते हुए वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ की टहनियों की छंटाई की, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका टल गई। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान सावधानी बरतने और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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