नालंदा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। एक ही बाइक पर सवार होकर जा रहे पांच दोस्तों की जिंदगी पलभर में बदल गई। रास्ते में अचानक एक कुत्ता सामने आ गया, जिसके बाद बाइक सवार चालक ने संतुलन खो दिया। देखते ही देखते बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में तीन किशोरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में दो सगे भाई भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार पांचों दोस्त एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। सभी की उम्र कम बताई जा रही है। रास्ते में अचानक एक कुत्ता सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में बाइक चालक ने नियंत्रण खो दिया। इसके बाद तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बचाने की कोशिश शुरू की।
दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि बाइक पर सवार सभी पांचों दोस्त सड़क पर गिर पड़े। हादसे में तीन किशोरों को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने तीन को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य दो घायलों का इलाज शुरू किया गया। उनकी स्थिति को लेकर परिजन काफी चिंतित हैं।
इस हादसे में दो सगे भाइयों की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। एक ही परिवार के दो बेटों की एक साथ मौत होने से घर में कोहराम मच गया। जिन बच्चों को परिवार ने बेहतर भविष्य के सपनों के साथ बड़ा किया था, उनकी असमय मौत से माता-पिता और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। गांव और आसपास के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। शुरुआती जानकारी में सड़क पर अचानक कुत्ता आना हादसे की वजह बताया जा रहा है। हालांकि दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
इस घटना ने एक बार फिर दोपहिया वाहनों पर क्षमता से अधिक लोगों के बैठने और यातायात नियमों की अनदेखी के खतरों को सामने ला दिया है। एक बाइक पर पांच लोगों का सवार होना बेहद जोखिम भरा है। ऐसी स्थिति में चालक के लिए अचानक सामने आने वाली बाधा से वाहन को संभालना मुश्किल हो जाता है। हेलमेट और सुरक्षा नियमों की अनदेखी भी दुर्घटना में चोटों की गंभीरता बढ़ा सकती है।
नालंदा की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि युवाओं और किशोरों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना जरूरी है। खासकर दोपहिया वाहन चलाते समय निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने से बचना चाहिए। फिलहाल तीन किशोरों की मौत से प्रभावित परिवारों में मातम है और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।








